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INS समर्थक नौसेना के बेड़े में शामिल
नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत INS समर्थक को शुक्रवार को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। कर्नाटक के कारवार स्थित INS कदंबा नौसैनिक अड्डे पर आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इस पोत को कमीशन किया। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन सहित वरिष्ठ नौसेना और रक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित INS समर्थक कई तरह के समुद्री अभियानों में अहम भूमिका निभाएगा। यह पोत समुद्री निगरानी, गश्त, मानवरहित प्रणालियों के संचालन, हथियारों और सेंसर के परीक्षण तथा आपदा राहत जैसे अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसके 75 प्रतिशत से अधिक हिस्से स्वदेशी हैं, जो रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
INS समर्थक को चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में विभिन्न प्रकार के अभियानों को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें स्वदेशी सेंसर, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से युक्त एकीकृत युद्धक प्रणाली लगी है। इससे नौसेना को परिचालन संबंधी जरूरतों के अनुसार अलग-अलग मिशनों को अंजाम देने में सहायता मिलेगी।
यह पोत कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (LIMO) के साथ निगरानी और गश्त की जिम्मेदारी भी निभा सकता है। इसके अलावा, इसका इस्तेमाल नए हथियारों, रडार और सेंसर के परीक्षण तथा लक्ष्य तैनाती के लिए भी किया जा सकेगा।
INS समर्थक की प्रमुख विशेषताओं में मानवरहित और स्वायत्त प्रणालियों के लिए मदरशिप के रूप में काम करने की क्षमता शामिल है। इसके जरिए नौसेना को समुद्री अभियानों में ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियों के इस्तेमाल तथा परीक्षण में मदद मिलेगी।
आधुनिक नौसैनिक अभियानों में मानवरहित तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह पोत नई तकनीकों के परीक्षण और परिचालन क्षमताओं को विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराएगा।
INS समर्थक का इस्तेमाल केवल सैन्य अभियानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों के लिए भी तैयार किया गया है। समुद्र में आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट के दौरान यह राहत और बचाव संबंधी कार्यों में सहयोग कर सकता है।
जरूरत पड़ने पर इसे सीमित क्षमता वाले अस्पताल पोत के रूप में भी परिवर्तित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, समुद्र में क्षतिग्रस्त जहाजों और बचाव अभियानों से जुड़े कार्यों में भी इसकी भूमिका हो सकती है।
INS समर्थक भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे चार बहुउद्देशीय पोतों की श्रृंखला का पहला पोत है। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित अपने शिपयार्ड में किया है।
इस पोत की कमीशनिंग से भारतीय नौसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने के साथ घरेलू रक्षा उद्योग की भूमिका भी मजबूत होगी। स्वदेशी तकनीक, मानवरहित प्रणालियों और बहुउद्देशीय समुद्री क्षमताओं से लैस INS समर्थक भविष्य के नौसैनिक अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
Location : New Delhi
Published : 16 October 2026, 3:33 PM IST
Topics : Admiral Krishna Swaminathan C P Radhakrishnan indigenous warship INS Samarthak Karwar Naval Base
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