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मानसून के बाद फिर बारिश का दौर (Img- Pinterest)
New Delhi: देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के दौरान मौसम एक बार फिर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। 17 अक्टूबर के लिए जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, हर राज्य में हवा की गति और बारिश का असर एक जैसा नहीं होगा।
मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी गतिविधियां बताई गई हैं। गंगा के मैदानी क्षेत्र के पास पश्चिम बंगाल और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तरी पंजाब के आसपास पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण बनने और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास भी ऐसी गतिविधि रहने की बात कही गई है।
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और अयोध्या समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। बिहार में पटना, गया, सारण, सिवान, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और भागलपुर सहित कई क्षेत्रों के लिए बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है। झारखंड में रांची, धनबाद, देवघर, जमशेदपुर और पलामू के आसपास भी मौसम बदल सकता है।
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उत्तराखंड में नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत समेत कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सोलन जैसे क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की आशंका के बीच यात्रियों को रवाना होने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और सीकर सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य प्रदेश के बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, विदिशा, छतरपुर और खरगोन में भी मौसम बिगड़ने की संभावना बताई गई है। दिल्ली में भी बारिश के आसार जताए गए हैं।
तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। मौसम खराब होने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। किसानों को स्थानीय कृषि सलाह पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी यात्रा से पहले आधिकारिक मौसम चेतावनी और सड़क की स्थिति की जांच करें।
Location : New Delhi
Published : 17 October 2026, 7:41 AM IST