Haryana Power Cut: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बाद 355 इलाकों में ब्लैकआउट, पानी को भी तरसे लोग

हरियाणा के हिसार में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से 355 क्षेत्रों में बिजली संकट गहरा गया। कंट्रोल रूम में 2,100 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें से सिर्फ पांच के समाधान की जानकारी सामने आई। बिजली-पानी की परेशानी से नाराज लोगों ने हिसार और बरवाला में जाम लगाया। निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारी आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दे रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 October 2026, 2:46 PM IST

Haryana: हरियाणा के हिसार में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर आम लोगों पर भारी पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से शहर और ग्रामीण इलाकों के कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा, जबकि पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हिसार सर्कल के 355 क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रही और कंट्रोल रूम में करीब 2,100 शिकायतें पहुंचीं। इनमें से केवल पांच शिकायतों का समाधान हो पाने की बात कही गई है।

निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में प्रदर्शन

गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स साझा संघर्ष मोर्चा का विरोध जारी है। वीरवार सुबह विद्युत सदन के गेट नंबर चार और राजगढ़ रोड स्थित एसई कार्यालय पर 450 से अधिक इंजीनियर और कर्मचारी जुटे। प्रदर्शन में एसई, एक्सईएन, एसडीओ और जेई समेत कई कर्मचारी शामिल हुए।

हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित रहा। साझा मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि लाइसेंस रद्द नहीं हुआ तो 24 अक्टूबर की बैठक में हड़ताल आगे बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।

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बिजली-पानी संकट के बाद सड़कों पर उतरे

सेक्टर-13 सब स्टेशन के बाहर बिजली कटौती से परेशान लोगों ने वीरवार देर शाम जाम लगा दिया। सेक्टरवासी जगदीश के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से रात करीब साढ़े आठ बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे सेक्टर-13, पार्ट-2 और सेक्टर 16-17 के करीब पांच हजार लोगों को परेशानी हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायत के लिए फोन करने पर अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया।

स्थिति बिगड़ने पर सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सब स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई। बाद में बिजली बहाल होने पर मामला शांत हुआ। बरवाला में भी बिजली न आने से नाराज लोगों ने नेशनल हाईवे-52 पर बिजली बोर्ड के सामने कुछ देर जाम लगाया, जिसे पुलिस ने खुलवाया।

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कंट्रोल रूम में अंधेरा

बिजली संकट के बीच कंट्रोल रूम में अंधेरा होने पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। ठेकेदार के कर्मचारियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कुंडी लगाकर रोशनी की व्यवस्था की, फिर कंप्यूटर से रिपोर्ट भेजने का काम शुरू हुआ। विद्युत सदन में जनरेटर मंगाया गया, लेकिन उसे चलाने वाला कर्मचारी नहीं मिलने के कारण उसका उपयोग नहीं हो सका।

कई इलाकों में बिजली न होने से मोटरें नहीं चलीं और लोग पानी के लिए परेशान रहे। साझा मोर्चा ने लाइसेंस रद्द न होने पर आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी है। वहीं, अधिवक्ता अलका ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सेवा बाधित करने पर लागू नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। मामले में प्रशासन और निगम की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Location :  Haryana

Published :  23 October 2026, 2:46 PM IST