फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने राष्ट्रीय ध्वज आंदोलन की वर्षगांठ पर नई दिल्ली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम को सम्मानित किया गया। समारोह में देश की प्रमुख राजनीतिक, न्यायिक और सैन्य हस्तियों ने शिरकत की और तिरंगे के सम्मान को लेकर नए संकल्प लिए गए।

फ्लैग फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजनीति, न्यायपालिका और रक्षा क्षेत्र की हस्तियों ने की शिरकत
New Delhi: भारतीय तिरंगे को सम्मानपूर्वक फहराने का अधिकार दिलाने वाली ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई की वर्षगांठ के अवसर पर फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया (FFOI) ने एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान, राजधानी दिल्ली स्थित जिन्दल हाउस में आयोजित हुए इस समारोह में भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम को उनकी असाधारण खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला जब फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवीन जिन्दल ने दृष्टिबाधित महिला क्रिकेटरों के साथ एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच खेला। यह दृश्य आत्मविश्वास, समावेशन और समान अवसरों का प्रतीक बन गया। खिलाड़ियों के उत्साह और कौशल की सराहना करते हुए नवीन जिन्दल ने कहा, "तिरंगा हमारी एकता का प्रतीक है। आज इन एथलीटों का सम्मान करते हुए हम यह संदेश देना चाहते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज हर भारतीय का है और यह हमें हर बाधा को पार कर उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा देता है।"
यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले की 22वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक था, जिसने हर भारतीय नागरिक को सम्मान के साथ तिरंगा फहराने का अधिकार दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा को याद किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को अब 30 वर्ष पूरे हो चुके हैं, संसद द्वारा किए गए संशोधनों को दो दशक बीत चुके हैं और देशभर में लद्दाख से पोर्ट ब्लेयर और कच्छ से इंफाल तक 200 से अधिक विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए जा चुके हैं।
इस भव्य आयोजन में राजनीति, न्यायपालिका और रक्षा क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। अतिथियों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और वरिष्ठ नेता यशोधरा राजे सिंधिया प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
फ्लैग फाउंडेशन के कार्यक्रम में दृष्टिबाधित महिला क्रिकेटरों का हुआ सम्मान
इसके अलावा, न्यायिक जगत से पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी.एन. खरे, न्यायमूर्ति यू.यू. ललित और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरी रासगोत्रा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं रक्षा क्षेत्र से पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल सुहास, जनरल बिपिन बख्शी और राजीव प्रताप रूडी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया। कार्यक्रम की मेजबानी सावित्री जिन्दल और शालू जिन्दल ने की।
फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने इस अवसर पर अपने आगामी लक्ष्यों को भी साझा किया। संस्था ने संकल्प लिया कि 23 जनवरी को 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' के रूप में आधिकारिक मान्यता दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही स्कूली बच्चों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और जानकारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। पुराने और क्षतिग्रस्त झंडों के सम्मानजनक नवीनीकरण को लेकर भी जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
नवीन जिन्दल और शालू जिन्दल द्वारा स्थापित यह गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य तिरंगे के उपयोग को लोकतांत्रिक बनाना और हर भारतीय के मन में राष्ट्रवाद और गौरव की भावना को जगाना है।