
विजयदशमी का पर्व
New Delhi: दशहरे के दिन को बुराई पर अच्छाई के प्रतीक का दिन कहा जाता है और इसे उत्सव का रूप देकर विजयदशमी का पर्व मनाया जाता है। आज सूर्यास्त के बाद जगह-जगह रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। माना जाता है कि पुतले के दहन से संसार में फैली बुराइयों का भी दहन हो जाता है। लोग रावण के पुतले को उत्साह के साथ जलते हुए देखते हैं और एक अलग सी खुशी महसूस करते हैं; उन्हें लगता है कि आज संसार में फैली सारी बुराइयों का अंत हो गया। उन्हें लगता है कि सत्य के सामने झूठ कितना भी बड़ा हो, उसका अंत हो गया है। लोग महसूस करते हैं कि वे फिर से रामराज्य में लौट आए हैं... खैर, विचार अच्छा है, लेकिन क्या यह सब सही साबित होता है?
क्या एक कागज़ के पुतले के दहन से संसार में फैली बुराइयों का अंत हो जाता है? क्या रंग-बिरंगे पुतले के दहन से लोगों के अंदर भरी मक्कारी का ध्वस्तीकरण हो जाता है? क्या बांस पर लिपटे कागज़ के पुतले के जलने के साथ लोगों के अंदर भरी द्वेष की भावना खत्म हो जाती है? वैसे सुनने में थोड़ा असहज लगेगा और शायद रूढ़िवादी मानसिकता वालों को बुरा भी। क्योंकि आज भी लोग अपने झूठ और छल-कपट के बाणों से एक-दूसरे पर आक्रमण करेंगे। लोग आपके साथ ही बैठकर विभीषण से भी ज़्यादा भीतरघात करेंगे। आज भी दूसरों के बहकावे में आकर लोग अपनों के खिलाफ साजिश रचेंगे। आज भी कोई रावण की तरह किसी परायी स्त्री पर नज़र डालेगा और नारी रूपी देवी के साथ कुकृत्य करने की कोशिश करेगा।
अब आप ही बताइए, संसार में जो अशोभनीय और इंसानियत को शर्मसार करने वाला माहौल चल रहा है, उसमें महज़ एक कागज़ के पुतले के दहन से बुराइयों पर विजय हासिल की जा सकती है? हम यह नहीं कहते हैं कि हम इस पर्व को न मनाएं या रावण के पुतले का दहन न करें, लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा कि कागज़ के पुतले को जलाने से पहले मिट्टी के इस पुतले (मानव मन) में भरी बुराइयों का दहन करें, ताकि असल में दुनिया से बुराइयों का अंत हो।
Location : New Delhi
Published : 20 October 2026, 4:08 PM IST
Topics : Dussehra 2026 Ravan Dahan Vijayadashami