दिल्ली की जामा मस्जिद समेत पूरे एनसीआर में ईद-उल-फितर धूमधाम से मनाई गई। हजारों लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद गले मिलकर मुबारकबाद दी गई और भाईचारे का संदेश दिया गया।

जामा मस्जिद में ईद की खास नमाज
New Delhi: राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद-उल-फितर के मौके पर हजारों नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा की। सुबह से ही मस्जिद परिसर और आसपास के इलाकों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। नमाज के दौरान पूरे माहौल में आध्यात्मिकता और श्रद्धा का भाव साफ झलक रहा था।
सुबह की पहली रोशनी के साथ ही नमाजियों का आना शुरू हो गया था। धीरे-धीरे मस्जिद का पूरा परिसर भर गया और आसपास की सड़कों पर भी लोगों की कतारें लग गईं। हर उम्र के लोग बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी पारंपरिक परिधानों में नजर आए, जिससे माहौल और भी खास बन गया।
नमाज के दौरान लोगों ने देश में शांति, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। यह त्योहार रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाता है और इसका संदेश प्रेम, सौहार्द और एकता है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में ईद बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की। बाजारों और सड़कों पर भी रौनक देखने को मिली, जहां लोग खरीदारी और जश्न में व्यस्त नजर आए।
ईद की नमाज के बाद जामा मस्जिद में दिखा भाईचारे का खूबसूरत नजारा, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद, अमन-चैन और खुशहाली की दुआओं से गूंजा पूरा माहौल।#EidUlFitr #Delhi #JamaMasjid #EidCelebration pic.twitter.com/4q3SYDUDbG
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 21, 2026
त्योहार के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मस्जिद परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए अनुशासन बनाए रखा।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में देश में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की।
ईद-उल-फितर केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि यह समाज में प्रेम, एकता और आपसी सम्मान का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं। दिल्ली और एनसीआर में दिखा यह नजारा देश की विविधता में एकता को दर्शाता है।