DN Exclusive: Budget 2026 में आम जनता को राहत या महंगाई का झटका? जानिये पेट्रोल-डीजल से टैक्स तक पूरा विश्लेषण

Union Budget 2026–27 से पहले आम जनता के मन में राहत और महंगाई को लेकर कई सवाल है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी, और इससे पहले टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा, महंगाई नियंत्रण और रोजमर्रा के खर्चों पर असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 January 2026, 5:40 PM IST

New Delhi: Union Budget 2026–27 से पहले आम जनता के मन में राहत और महंगाई को लेकर कई सवाल है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी, और इससे पहले टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा, महंगाई नियंत्रण और रोजमर्रा के खर्चों पर असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। इस साल का बजट जनता के लिए राहत बनेगा या फिर सिर दर्द जानतें हैं इस पूरी रिपोर्ट में। लेकिन इससे पहले जानेंगे साल 2025 के बजट में जनता को किन किन चीजों में राहत मिली थी। अब किन किन चीजों में बदलाव की जरूरत है?

साल 2025 के बजट में मिली थी राहत

Budget 2025 का असर आम जनता पर सीधे तौर पर महसूस किया गया। सरकार ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से मुक्त कर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी, जिससे लोगों की बचत बढ़ी और खर्च करने की क्षमता मजबूत हुई। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टैक्स में छूट देकर सेवानिवृत्त लोगों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती दी गई, जिससे फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य बचत योजनाओं से मिलने वाली आय पर टैक्स का बोझ कम हुआ और उनकी कुल आय में वास्तविक बढ़ोतरी देखने को मिली।

Budget 2025 के बाद महंगाई को लेकर भी चिंताएं सामने आईं। कुछ वस्तुओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के संकेत दिए गए, खासकर सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर, जिससे इनके दाम बढ़ने की आशंका जताई गई और बाजार पर इसका असर दिख सकता था। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण में महंगाई के दबाव की चेतावनी के बाद यह चिंता भी बनी रही कि आने वाले समय में रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना रही। पिछले बजट में आर्थिक विकास गति तेज हुई, लेकिन उपभोक्ता वस्तुओं पर दबाव और महंगाई-उत्पाद कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर दिखा।

Budget 2026 Breaking: संसदीय इतिहास में पहली बार रविवार को पेश होगा आम बजट, 1 फरवरी को Nirmala Sitharaman का 9वां बजट

Budget 2026 से जनता की क्या उम्मीदें हैं?

टैक्स में राहत: Budget 2026 से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी या फिर मानक कटौती (Standard Deduction) को ₹1 लाख तक बढ़ाने पर विचार संभव है, जिससे सैलरी पाने वाले कर्मचारियों पर टैक्स का बोझ कम होगा और उनकी हाथ में आने वाली आय बढ़ सकती है।

घरेलू उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहन: “Make in India” को और मजबूती देने के लिए टीवी, मोबाइल और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण पर सरकार प्रोत्साहन दे सकती है। इससे देश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और घरेलू स्तर पर बने उत्पाद सस्ते होने से उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकती है।

कृषि और किसान लाभ: Budget 2026 में कृषि क्षेत्र को लेकर भी सकारात्मक उम्मीदें हैं। बीज, कृषि उपकरण और आवश्यक दवाइयों पर सब्सिडी या राहत देने के सुझाव सामने आ रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो सकती है और किसानों की आय में स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है।

Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र का ऐलान, जानिये सेशन से जुड़ी बड़ी जानकारी

महंगाई के मोर्चे पर संभावित झटके

पेट्रोल-डीजल महंगे होने का डर: Budget 2026 से पहले पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने की चर्चा तेज है। यदि प्रति लीटर ₹3–₹4 तक की बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिख सकता है।

बिजली बिल महंगा? कई राज्यों में बिजली वितरण कंपनियों द्वारा ईंधन समायोजन अधिभार (Fuel Adjustment Charge) बढ़ाया गया है। इसके चलते बिजली बिल में करीब 10% तक की बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में इजाफा हो सकता है।

महंगी वस्तुएं: आने वाले बजट में टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव होने की स्थिति में प्रीमियम कारें, लग्ज़री घड़ियाँ, ज्वेलरी, हवाई टिकट और कुछ विदेशी इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं। ऐसे में शौक और लग्ज़री से जुड़ी चीजें आम लोगों की पहुंच से और दूर जाने की संभावना बनी हुई है।

बजट 2026 को लेकर राहत की उम्मीद

राहत की उम्मीद: Budget 2026 से आम जनता को कुछ मोर्चों पर राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। होम-लोन पर अतिरिक्त राहत या टैक्स में कटौती से मध्यम वर्ग को फायदा मिल सकता है। वहीं घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए TV, मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कृषि उपकरण, बीज और जरूरी दवाइयों पर राहत मिलने से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

महंगाई का डर: दूसरी ओर महंगाई को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। बिजली बिलों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ेगा, जबकि प्रीमियम और आयातित सामान महंगे होने से शौक और लग्ज़री से जुड़ी खरीदारी और महंगी पड़ सकती है।

Budget Session 2026 का पहला दिन, राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन से हुई शुरुआत; जानिये क्या है खास

आम जनता का मनोबल: राहत या दबाव?

Budget 2026 को लेकर आम आदमी के मन में उम्मीद और चिंता दोनों साथ-साथ हैं। जनता चाहती है कि टैक्स में राहत मिले, घरेलू इस्तेमाल की चीजें सस्ती हों और रोज़मर्रा के खर्च काबू में रहें। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल और बिजली जैसे बुनियादी खर्चों में संभावित बढ़ोतरी का डर भी बना हुआ है, जिससे मासिक बजट पर दबाव बढ़ सकता है।

सरकार की प्राथमिकता इस बार भी वित्तीय स्थिरता बनाए रखते हुए आर्थिक वृद्धि और निवेश को बढ़ाना बताई जा रही है, ताकि रोजगार के अवसर पैदा हों और विकास को गति मिले। हालांकि इन नीतियों का असर उपभोक्ता लागत पर भी पड़ सकता है। कुल मिलाकर Budget 2026 आम जनता के लिए राहत और महंगाई—दोनों के संकेत दे रहा है; टैक्स में कटौती और घरेलू उत्पादों के सस्ते होने से राहत संभव है, लेकिन ईंधन और बिजली जैसे आवश्यक खर्च बढ़ने की स्थिति में आम आदमी की जेब पर दबाव बना रह सकता है।

जानकारों का मानना है कि सरकार कुछ वर्गों को टैक्स और सुविधाओं में राहत दे सकती है, वहीं पेट्रोल-डीजल, बिजली और कुछ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में यह बजट आम आदमी के लिए राहत भरा साबित होगा या महंगाई का नया झटका देगा, इसका जवाब 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद ही साफ होगा।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 29 January 2026, 5:40 PM IST