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यूट्यूबर ध्रुव राठी (File Photo)
लखनऊ: यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक हालिया इंटरव्यू में भारतीय पुलिस और सेना को एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कहे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और भाजपा के राज्यसभा सांसद विक्रम सिंह ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इंटरव्यू की सत्यता की जांच कराने और बयान सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), जिसे रासुका भी कहा जाता है, के तहत कार्रवाई की संभावना पर भी विचार करने को कहा है।
ध्रुव राठी ने एक यूट्यूबर पत्रकार को दिए इंटरव्यू में कहा कि यदि पुलिसकर्मी एक साथ आवाज उठाते हैं, तो सरकार क्या करेगी? क्या पूरी पुलिस फोर्स को एक साथ इस्तीफा देना पड़ेगा? इसी तरह उन्होंने सेना के जवानों के एकजुट होकर आवाज उठाने का सवाल भी उठाया। राठी ने कहा कि यदि सेना के लोग एक साथ आवाज उठाएंगे, तो क्या सरकार पूरी सेना से एक साथ इस्तीफा दिलवा देगी? उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की ताकत और एकता के महत्व पर भी जोर दिया।
ध्रुव राठी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रम सिंह ने कहा कि भारतीय पुलिस और सेना के कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ एकजुट होने के लिए इस तरह का आह्वान करना गंभीर विषय है। उन्होंने अपने बयान में बॉलीवुड के कलाकारों का भी उल्लेख किया और कहा कि वे क्या करते हैं, यह उनका विषय है, लेकिन पुलिस और सेना से जुड़ा मामला अलग है।
पूर्व DGP ने कहा कि पुलिसकर्मियों में असंतोष भड़काने से संबंधित कानून के तहत ऐसे बयान की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह के आह्वान से जुड़े मामले में भी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया।
विक्रम सिंह ने अपने बयान में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 131 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 159 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के सदस्यों को विद्रोह के लिए उकसाने से जुड़े अपराधों में गंभीर सजा का प्रावधान है।
हालांकि, किसी विशेष बयान पर इन धाराओं की प्रयोज्यता का निर्धारण उसके वास्तविक संदर्भ, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही किया जा सकता है। इस मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ किसी प्राथमिकी या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
विक्रम सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की कि पहले इंटरव्यू में दिए गए बयान की सत्यता की जांच कराई जाए और कानून विशेषज्ञों से सलाह ली जाए। उन्होंने कहा कि यदि बयान सही पाया जाता है और उसमें अपराध बनता है, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की संभावना की जांच करने की भी मांग की। अपने बयान में उन्होंने ध्रुव राठी की टिप्पणियों को देश के लिए नुकसानदायक बताते हुए कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह के आह्वानों की कानूनी समीक्षा आवश्यक है।
फिलहाल, इस विवाद में आगे की कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से किसी निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
Location : New Delhi
Published : 16 October 2026, 8:49 AM IST