Deoghar News: गरीबों के राशन पर कौन डाल रहा डाका? देवघर में 22 हजार क्विंटल चावल गायब

Deoghar News: झारखंड के देवघर में सरकारी गोदाम से 22 हजार क्विंटल चावल गायब होने का मामला सामने आया है। ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला। प्राथमिकी दर्ज, गोदाम प्रबंधक और कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 October 2026, 1:35 PM IST

Deoghar: झारखंड के देवघर जिले में सरकारी चावल के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आने से खाद्य आपूर्ति विभाग में हलचल है। बैद्यनाथपुर स्थित बाजार समिति परिसर के झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन (जेएसएफसी) गोदाम में करीब 22 हजार क्विंटल चावल के कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है।

विभागीय जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड में चावल का भंडार दर्ज था, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में चावल लगभग समाप्त मिला। मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और जांच शुरू कर दी गई है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड में चावल, गोदाम में स्टॉक लगभग खाली

जांच के दौरान ऑनलाइन रजिस्टर में दर्ज चावल की मात्रा और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। रिकॉर्ड में अनाज उपलब्ध दिखाया जा रहा था, जबकि मौके पर उसकी मात्रा बेहद कम मिली।

इस अंतर के बाद सरकारी खाद्यान्न के भंडारण, वितरण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड में दर्ज चावल कब और किन परिस्थितियों में गोदाम से बाहर गया।

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22 हजार क्विंटल चावल का हिसाब मांगा गया

जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्टर में गोदाम में चावल उपलब्ध होने की जानकारी थी, लेकिन भौतिक सत्यापन में स्थिति अलग पाई गई। इसके बाद संबंधित गोदाम प्रबंधक से जवाब मांगा गया है।

उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कथित गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है और चावल के स्टॉक में अंतर कैसे आया, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू

थाने में प्राथमिकी दर्ज, कर्मचारियों की भूमिका की जांच

विभाग की ओर से मामले में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उपायुक्त के निर्देश पर गोदाम की निगरानी बढ़ाने और अनधिकृत प्रवेश रोकने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल उपलब्ध अनाज की गणना कराई गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि स्टॉक के रिकॉर्ड में गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है।

पीडीएस दुकानों को आपूर्ति में परेशानी का दावा

इस मामले का असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस पर भी पड़ने की आशंका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिले के कुछ पीडीएस दुकानदार पिछले कई दिनों से अनाज की आपूर्ति में परेशानी का सामना कर रहे हैं।

हालांकि, आपूर्ति में आई दिक्कत और गोदाम के स्टॉक में अंतर के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सरकारी राशन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग के सामने अहम चुनौती है।

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जांच के बाद सामने आएगा चावल का पूरा हिसाब

करीब 22 हजार क्विंटल चावल के कथित गायब होने का मामला सरकारी खाद्यान्न की सुरक्षा और वितरण व्यवस्था से जुड़ा है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने, गोदाम प्रबंधक से जवाब मांगने और कर्मचारियों की भूमिका की जांच किए जाने की जानकारी है। अभी किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी अंतिम रूप से साबित नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्टॉक में अंतर क्यों आया और सरकारी चावल कहां गया।

Location :  Deoghar

Published :  29 October 2026, 1:35 PM IST