
नौ कलश स्थापित कर नौ दिनों तक साधना (Source: Dynamite News)
Deoghar: झारखंड के देवघर में नवरात्र के दौरान किन्नर समाज की विशेष दुर्गा आराधना लोगों का ध्यान खींच रही है। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में राजेश्वरी नंद गिरी उर्फ रोज मौसी महामंडलेश्वर के नेतृत्व में वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। नौ कलशों की स्थापना, नौ दिनों तक उपवास और महानवमी पर कन्या पूजन के जरिए समाज के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
Deoghar Kinnar Durga Puja के तहत नवरात्र के पहले दिन से ही पूजा-अर्चना शुरू हो जाती है। किन्नर समाज की ओर से नौ कलश स्थापित किए जाते हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से आराधना की जाती है। इस दौरान रोज मौसी और उनके सहयोगी पूरे नियम और श्रद्धा के साथ उपवास रखते हैं।
इस पूजा का उद्देश्य केवल अपने समाज की खुशहाली नहीं, बल्कि देवघरवासियों और पूरे जनमानस के सुख, स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की कामना करना भी है। शिवभक्ति के लिए प्रसिद्ध देवघर में शक्ति की उपासना का यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की विविधता को सामने लाता है।
इस परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा महानवमी पर होने वाला कन्या पूजन है। इस दिन नौ कुमारी कन्याओं को आमंत्रित कर भोजन कराया जाता है और उन्हें वस्त्र भेंट किए जाते हैं। सनातन परंपरा में कन्या पूजन को देवी शक्ति के सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
किन्नर समाज भी इस अनुष्ठान को पूरी श्रद्धा के साथ निभाता है। भोजन और वस्त्र भेंट करने की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है।
राजनंदिनी गिरी उर्फ रोज मौसी महामंडलेश्वर के नेतृत्व में होने वाली यह पूजा किन्नर समाज की धार्मिक आस्था और सामूहिक भागीदारी को दर्शाती है। नौ दिनों की साधना के दौरान मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है।
बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रसिद्ध देवघर में नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना भी विशेष महत्व रखती है। ऐसे में किन्नर समाज की यह परंपरा धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी को सामने लाती है। नौ कलशों की स्थापना से लेकर कन्या पूजन तक, यह आयोजन आस्था, सेवा और सामूहिक मंगलकामना का संदेश देता है।
Location : Deoghar
Published : 13 October 2026, 4:33 PM IST