Deoghar News: नौ कलश, नौ दिन का उपवास और कन्या पूजन, बाबा बैद्यनाथ की नगरी में किन्नर समाज की अनूठी दुर्गा आराधना

Deoghar Kinnar Durga Puja के तहत राजेश्वरी नंद गिरी उर्फ रोज मौसी महामंडलेश्वर के नेतृत्व में किन्नर समाज नौ कलश स्थापित कर नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करता है। महानवमी पर नौ कन्याओं को भोजन और वस्त्र भेंट किए जाते हैं। इस पूजा में देवघरवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 October 2026, 4:55 PM IST

Deoghar: झारखंड के देवघर में नवरात्र के दौरान किन्नर समाज की विशेष दुर्गा आराधना लोगों का ध्यान खींच रही है। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में राजेश्वरी नंद गिरी उर्फ रोज मौसी महामंडलेश्वर के नेतृत्व में वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। नौ कलशों की स्थापना, नौ दिनों तक उपवास और महानवमी पर कन्या पूजन के जरिए समाज के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

नौ कलश स्थापित कर नौ दिनों तक साधना

Deoghar Kinnar Durga Puja के तहत नवरात्र के पहले दिन से ही पूजा-अर्चना शुरू हो जाती है। किन्नर समाज की ओर से नौ कलश स्थापित किए जाते हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से आराधना की जाती है। इस दौरान रोज मौसी और उनके सहयोगी पूरे नियम और श्रद्धा के साथ उपवास रखते हैं।

इस पूजा का उद्देश्य केवल अपने समाज की खुशहाली नहीं, बल्कि देवघरवासियों और पूरे जनमानस के सुख, स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की कामना करना भी है। शिवभक्ति के लिए प्रसिद्ध देवघर में शक्ति की उपासना का यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की विविधता को सामने लाता है।

महानवमी पर नौ कन्याओं का पूजन

इस परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा महानवमी पर होने वाला कन्या पूजन है। इस दिन नौ कुमारी कन्याओं को आमंत्रित कर भोजन कराया जाता है और उन्हें वस्त्र भेंट किए जाते हैं। सनातन परंपरा में कन्या पूजन को देवी शक्ति के सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

किन्नर समाज भी इस अनुष्ठान को पूरी श्रद्धा के साथ निभाता है। भोजन और वस्त्र भेंट करने की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है।

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रोज मौसी के नेतृत्व में वर्षों से निभाई जा रही परंपरा

राजनंदिनी गिरी उर्फ रोज मौसी महामंडलेश्वर के नेतृत्व में होने वाली यह पूजा किन्नर समाज की धार्मिक आस्था और सामूहिक भागीदारी को दर्शाती है। नौ दिनों की साधना के दौरान मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है।

भक्ति के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश

बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रसिद्ध देवघर में नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना भी विशेष महत्व रखती है। ऐसे में किन्नर समाज की यह परंपरा धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी को सामने लाती है। नौ कलशों की स्थापना से लेकर कन्या पूजन तक, यह आयोजन आस्था, सेवा और सामूहिक मंगलकामना का संदेश देता है।

Location :  Deoghar

Published :  13 October 2026, 4:33 PM IST