तिहाड़ जेल में गैंगस्टर नफे सिंह उर्फ मंत्री की संदिग्ध मौत, दीन दयाल अस्पताल में तोड़ा दम

दिल्ली के नजफगढ़ और बाहरी इलाकों में कभी गैंगवार के दौरान चर्चा में रहने वाला मंजीत महल गैंग के गुर्गे नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल में मौत हो गई। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 26 October 2026, 6:42 AM IST

New Delhi:  दिल्ली की तिहाड़ जेल से सोमवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां नामी गैंगस्टर नफे सिंह उर्फ मंत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। दीन दयाल अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। अब उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार नफे सिंह उर्फ मंत्री तिहाड़ के हाई सिक्यूरिटी वार्ड नंबर-8 में बंद था। सुबह उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे डीडीयू अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। तिहाड़ जेल के प्रवक्ता रविकांत खरे ने गैंगस्टर की मौत की पुष्टि की है।

तिहाड़ अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती जांच में हार्ट अटैक से होने की बात सामने आ रही है। हालांकि उसके शरीर पर चोट आदि के निशान नहीं पाए गए है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि गैंगस्टर की मौत कैसे हुई है।

कौन है नफे सिंह

नफे सिंह उर्फ 'मंत्री' दिल्ली के घुम्मनहेड़ा इलाके का रहने वाला एक कुख्यात अंतर-राज्यीय गैंगस्टर रहा है। वह जेल में बंद गैंगस्टर मंजीत महाल गैंग का मुख्य गुर्गा और करीबी सहयोगी रहा है। नफे सिंह का नाम स्कूल के समय से ही मारपीट और हत्या के प्रयासों के मामलों में आता रहा है।

वह वर्ष 2002-2003 में केबल के व्यवसाय से जुड़ा, जिसके बाद वह गैंगस्टर मंजीत महाल के संपर्क में आया। दिसंबर 2015 में सुनील उर्फ 'डॉक्टर' की हत्या के बाद इनका गैंगवार ज्योति बाबा और कपिल सांगवान (नंदू) गैंग से बढ़ गई थी।

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नफे सिंह का आपराधिक रिकार्ड

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था और उसे फरवरी 2017 में तथा बाद में फरवरी 2025 में भारत-नेपाल सीमा से लंबे समय बाद गिरफ्तार किया था। नफे सिंह पर मकोका सहित हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट के 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

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दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नफे सिंह उर्फ मंत्री दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात मंजीत महल गिरोह का मुख्य सदस्य और रणनीतिकार रहा है। नफे सिंह उर्फ मंत्री की कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के साथ गहरी और पुरानी दुश्मनी रही है। साल 2015 में नफे सिंह मंत्री द्वारा नंदू के साले सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या किए जाने के बाद से ही दोनों गुटों के बीच खूनी गैंगवार शुरू हुई थी।

Location :  New delhi

Published :  26 October 2026, 6:38 AM IST