दिल्ली वालों सावधान! नई सड़क को नुकसान पहुंचाया तो होगी FIR, PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिए सख्त आदेश

दिल्ली में नई बन रही सड़कों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के मामलों पर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ऐसे मामलों में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। यह विवाद तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में सड़क की गुणवत्ता को लेकर मंत्री और AAP विधायक जरनैल सिंह के बीच हुए विवाद के बाद सामने आया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 3:31 PM IST

New Delhi: दिल्ली में नई बन रही सड़कों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब मामला राजनीतिक विवाद तक पहुंच गया है। PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने नई सड़कों को जानबूझकर उखाड़ने या नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो के बाद यह मामला और चर्चा में आया, जिनमें नई सड़क की परत को उखाड़ते हुए लोग नजर आए।

मंत्री ने कहा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उसके वीडियो बनाकर इंटरनेट पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखा जा रहा है। निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट का भी प्रावधान किया गया है।

तिलक नगर में सड़क की गुणवत्ता पर हुआ विवाद

मामला दिल्ली के तिलक नगर-विकासपुरी रिंग रोड इलाके में सड़क निर्माण के निरीक्षण के दौरान गरमाया था। PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और स्थानीय AAP विधायक जरनैल सिंह के बीच सड़क की गुणवत्ता को लेकर तीखी बहस हुई। जरनैल सिंह ने मौके पर नई सड़क की ऊपरी परत को हाथ से उखाड़कर उसके निर्माण पर सवाल उठाए थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

Prayagraj: रोजगार सेवक और प्रधान में बढ़ी तनातनी, एसडीएम तक पहुंचा मामला; चुनाव से पहले गरमाया माहौल

इसी दौरान मंत्री और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद बढ़ गया। एक वायरल वीडियो में प्रवेश वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और उसे थप्पड़ मारते हुए दिखाई देते हैं। युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है। दूसरी ओर, मंत्री ने अपने पक्ष में कहा था कि घटना से पहले उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं और उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी।

पांच साल तक ठेकेदार की होगी जिम्मेदारी

PWD की ओर से कहा गया है कि निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग के मुताबिक, सड़क निर्माण के बाद अगले पांच वर्षों तक उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। इसके अलावा निर्माण की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था भी रखी गई है।

Maharajganj Road Accident: अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, निचलौल में हादसे के बाद मचा कोहराम

विभाग अब सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के मामलों को गंभीरता से ले रहा है। इसी वजह से ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत और FIR की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने शिकायतों की जांच की है।

Location :  New Delhi

Published :  7 October 2026, 3:31 PM IST