
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: मानसून की विदाई के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी है। इस बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु (Murasu) ने चिंता बढ़ा दी है। तूफान अब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान मुरासु पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है। यह पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान 2 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। निचले तटीय इलाकों में समुद्र का पानी भरने का खतरा भी जताया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
चक्रवाती तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। यहां 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ जलभराव और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है।
तेलंगाना में भी तूफान के प्रभाव से गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है।
मुरासु के प्रभाव से दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में 2 नवंबर को चक्रवाती तूफान के कारण भारी बारिश का कोई प्रमुख अलर्ट सामने नहीं आया है। राजधानी में मौसम का मिजाज दक्षिण भारत के तटीय इलाकों जैसा रहने का अनुमान नहीं है।
उत्तर प्रदेश में भी आंध्र प्रदेश जैसी चक्रवाती स्थिति का खतरा नहीं है। पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार में भी छिटपुट बारिश की संभावना है। हालांकि, स्थानीय मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
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चक्रवाती तूफान मुरासु को देखते हुए तटीय इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। समुद्र में मछली पकड़ने न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
कुल मिलाकर 2 और 3 नवंबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। सबसे अधिक सतर्कता आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में जरूरी है, जहां चक्रवाती तूफान मुरासु के तट पार करने की आशंका है।
Location : New Delhi
Published : 2 November 2026, 11:51 AM IST