जंतर-मंतर में कल फिर दिखेगी छात्र क्रांति, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से क्या झुकेगी सरकार? जानें यहां

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एलान किया है। रविवार से सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सीजेपी ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 June 2026, 8:47 AM IST

New Delhi: NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।

दिपके ने देश भर के छात्रों, किसानों, अभिभावकों और आम नागरिकों से 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने का बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आई इस गिरावट और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रविवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी सोनम वांगचुक

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विख्यात शिक्षाविद्, वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रही हैं। वांगचुक रविवार (28 जून) से जंतर-मंतर पर 'प्रधान गो बैक' (प्रधान वापस जाओ) अभियान में शामिल होंगी और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगी।

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दिपके ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के छात्रों की आत्महत्याओं के लिए सरकार में किसी को भी जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है, जिसके कारण वांगचुक जैसी महान हस्ती को भूख हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ रहा है।

पीएम मोदी लें एक्शन, नहीं तो कहलाएंगे 'अक्षम प्रधानमंत्री'

सीजेपी के संस्थापक ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। दिपके ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर पीएम मोदी इस पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें इतिहास में एक 'अक्षम प्रधानमंत्री' के रूप में देखा जाएगा।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक की कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। अब तक 20 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, इन मासूमों का खून उनके हाथों पर है।"

पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग

मूल रूप से एक डिजिटल व्यंग्य संगठन के रूप में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पिछले 20 जून से लगातार जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। दिपके ने सरकार से तीखा सवाल पूछते हुए कहा, "यह देश कब तक बिना किसी जवाबदेही के चलता रहेगा?

क्या यह अच्छी बात है कि इस सरकार में कोई नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं देता?" इसके साथ ही, सीजेपी ने परीक्षा के तनाव और धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों के लिए सरकार से 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की आधिकारिक मांग की है।

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प्रदर्शनकारियों पर हमले और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अज्ञात गुंडों ने उनके स्वयंसेवकों और प्रदर्शनकारियों पर हमला किया है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के लिए खाना लाने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है और एक स्वयंसेवक के ससुराल तक में लोग घुस गए। दिपके ने अंदेशा जताया कि यह सब प्रदर्शन को कुचलने के लिए पहले से सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक दलों के रुख पर उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को मतभेद भुलाकर छात्रों के हक में साथ आना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  27 June 2026, 8:47 AM IST