
कॉकरोच जनता पार्टी का अल्टीमेटम (Img- X)
New Delhi: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच हालिया बैठक खत्म तो हो गई, लेकिन आंदोलन का मुख्य पेंच अभी भी जस का तस फंसा हुआ है। पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक उनकी लड़ाई अधूरी है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के मुताबिक, सरकार भले ही अन्य मांगों पर सहमत दिख रही हो, लेकिन मुख्य मांग को टालने की कोशिश की जा रही है।
आशुतोष रांका ने बैठक के विवरण की जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावितों को मुआवजा देने और आंदोलनकारियों पर दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन विषयों पर सरकार आज लिखित रूप में अपनी सहमति दे देगी। हालाँकि, उन्होंने साफ़ लहजे में कहा कि इन बिंदुओं पर बात बनना स्वागतयोग्य है, लेकिन यह इस आंदोलन की अंतिम मंज़िल नहीं है।
Delhi: On Govt sacking 47 NTA officials, Cockroach Janta Party spokesperson Ashutosh Ranka says, "Now, we will have to examine which 47 officials have been suspended and with what intention that action has been taken. We need to look at all those details. But again, as we've been… pic.twitter.com/GijiWVTIOG
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
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पार्टी प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी बुनियादी मांग पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं लेती है, तो ऐसी मुलाकातों और वार्ताओं का कोई औचित्य नहीं रह जाता। रांका के अनुसार, आधी-अधूरी सहमति से आंदोलन को शांत नहीं किया जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि अगर सरकार का रवैया इस मुद्दे पर उदासीन रहता है, तो पार्टी अपने 'प्लान बी' पर काम करना शुरू कर देगी और आंदोलन को एक नई धार दी जाएगी।
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कॉकरोच जनता पार्टी के इस कड़े रुख के बाद अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिक गई हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे कानूनी और वित्तीय राहतों को सिर्फ शुरुआती प्रगति मानते हैं। अगर सरकार ने नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और ज्यादा उग्र रूप ले सकता है।
Location : New Delhi
Published : 25 July 2026, 9:32 AM IST