BRICS Summit 2026: दिल्ली आ रहे ईरान के राष्ट्रपति! मोदी से होगी महा-बैठक, चाबहार और व्यापार पर टिकी पूरी दुनिया की नजरें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारत पहुंचेंगे। उनकी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 September 2026, 1:19 PM IST

New Delhi: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारत पहुंचेंगे। उनकी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेताओं की मुलाकात में व्यापार, चाबहार बंदरगाह और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

11-13 सितंबर तक भारत में रहेंगे BRICS के नेता

भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान सम्मेलन से एक दिन पहले यानी 11 सितंबर को भारत पहुंचेंगे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।

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व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर होगी बातचीत

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की बैठक में भारत और ईरान के बीच आपसी हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार कर सकते हैं। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत होने की संभावना है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से कई क्षेत्रों में सहयोग रहा है। ऐसे में BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग काफी अहम माना जा रहा है।

चाबहार बंदरगाह पर भी नजर

बैठक में चाबहार बंदरगाह का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। भारत के लिए चाबहार बंदरगाह रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इसके जरिए भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान समेत आसपास के क्षेत्रों तक व्यापारिक पहुंच बनाने में मदद मिलती है। दोनों देशों के बीच बंदरगाह के विकास और इससे जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की संभावना है। चाबहार परियोजना को भारत-ईरान संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जाता है।

पश्चिम एशिया के तनाव पर भी होगी चर्चा

ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और पेजेश्कियान के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी बातचीत होने की संभावना है।

दोनों नेता पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा कर सकते हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। इसलिए इस विषय को बैठक में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान ने भारत से रिश्तों को बताया ऐतिहासिक

भारत यात्रा से पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के संबंधों को  ऐतिहासिक और बेहद मजबूत बताया है। ईरान ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान के दौरे को भारत और ईरान के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

ईरान वर्ष 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था। इसके बाद BRICS के मंच पर भारत और ईरान के बीच सहयोग का महत्व और बढ़ गया है। दोनों देश अब बहुपक्षीय मंचों पर भी कई साझा मुद्दों पर सहयोग कर रहे हैं।

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BRICS में भारत और ईरान का बढ़ता सहयोग

BRICS के विस्तार के बाद संगठन में नए देशों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में भारत और ईरान के बीच संवाद दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान की यात्रा के दौरान होने वाली प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक से व्यापार, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।

Location :  New Delhi

Published :  10 September 2026, 1:19 PM IST