श्रम कानूनों में बदलाव समेत तमाम मांगों को लेकर ऑल इंडिया ट्रेड यूनियनों के नेताओं और सदस्यों का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, देशभर से पहुंचे मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने महंगाई, न्यूनतम वेतन, ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में बदलाव आदि मांगों को लेकर बुलंद की आवाज, देखिए मौके से डाइनामाइट न्यूज़ की ये लाइव रिपोर्ट

मजदूर संगठनों और ट्रेड यूनियनों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
New Delhi: 12 फरवरी को देशभर में 10 से अधिक ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का भारत बंद को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लेबर सुधारों के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। यूनियनों का आरोप है कि नई श्रम संहिताओं से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और नौकरी की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों का राष्ट्रव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन जारी है।
यूनियन नेताओं ने डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में कहा कि जब तक मजदूरों के हितों की रक्षा और उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि मौजूदा नीतियां मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा और रोजगार स्थिरता को कमजोर कर रही हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारत बंद के चलते बैंकिंग सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, परिवहन सेवाएं और कुछ उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। खासकर केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में, जहां ट्रेड यूनियनों की मजबूत पकड़ है, वहां बंद का असर अधिक रहने की आशंका है। यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में करीब 30 करोड़ मजदूर शामिल हो सकते हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
श्रम कानूनों में बदलाव समेत तमाम मांगों को लेकर ऑल इंडिया ट्रेड यूनियनों के नेताओं और सदस्यों का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, देशभर से पहुंचे मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने महंगाई, न्यूनतम वेतन, ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में बदलाव आदि मांगों को लेकर बुलंद की आवाज, देखिए मौके… pic.twitter.com/fpUNRc8ls6
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 12, 2026
भारत बंद के तहत नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया ट्रेड यूनियनों के बैनर तले हजारों कर्मचारी और मजदूर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, न्यूनतम वेतन, ठेका प्रथा और श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। देशभर से पहुंचे मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार से तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की।
मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द संवाद शुरू नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल देशभर में बंद और प्रदर्शनों के कारण कई जगहों पर सेवाएं प्रभावित होने की खबरें हैं, जबकि आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। डाइनामाइट न्यूज़ लगातार इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।