Assam Vidhan Sabha Election 2026: असम में हिमंत बिस्व सरमा की जीत का ये है सबसे बड़ा कारण

चुनाव से ठीक पहले हिमंत बिस्व सरमा ने बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर (Baidyanath Dham) में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने जलार्पण कर राज्य की शांति और समृद्धि की कामना भी की। बताया जा रहा है कि बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने से उनको इतनी शानदार जीत हासिल हुई।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 4 May 2026, 1:34 PM IST

Assam Vidhan Sabha Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बात शीशे की तरह साफ कर दी है कि नॉर्थ ईस्ट की राजनीति के 'किंग' हिमंत बिस्वा सरमा ही हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 8 अप्रैल 2026 (असम चुनाव से एक दिन पहले) झारखंड के देवघर में स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। उन्होंने वहां जलार्पण किया। साथ में राज्य में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। यह दौरा 2026 के असम विधानसभा चुनावों के दौरान उनकी एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा थी। इसलिए हिमंत बिस्व सरमा ने इस जीत को हासिल किया है और एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।

जीत के पीछे सिर्फ आस्था नहीं, मजबूत सियासी गणित

असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) राज्य की राजनीति में सबसे मजबूत चेहरा बने हुए हैं। जालुकबारी सीट से उनकी बढ़त ने यह दिखा दिया कि उनकी पकड़ सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे असम में फैली हुई है। हालांकि उनकी हालिया धार्मिक यात्रा चर्चा में रही, लेकिन जीत की असली कहानी इससे कहीं ज्यादा बड़ी है।

क्या सिर्फ बाबा धाम यात्रा से मिली जीत?

चुनाव से ठीक पहले हिमंत बिस्व सरमा ने बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर (Baidyanath Dham) में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने जलार्पण कर राज्य की शांति और समृद्धि की कामना भी की। बताया जा रहा है कि बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने से उनको इतनी शानदार जीत हासिल हुई।

जीत के असली कारण क्या रहे?

असम में भाजपा की मजबूत संगठनात्मक पकड़, जमीनी स्तर पर काम और हिमंत बिस्व सरमा की आक्रामक चुनावी रणनीति इस जीत के बड़े कारण माने जा रहे हैं। इसके अलावा विकास के मुद्दे, कानून-व्यवस्था पर फोकस और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिशों ने भी मतदाताओं को प्रभावित किया।

जालुकबारी में लगातार दबदबा

जालुकबारी सीट पर हिमंत बिस्व सरमा का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। वह पिछले कई चुनावों से यहां भारी मतों से जीत दर्ज करते आ रहे हैं। 2026 में भी यही रुझान बरकरार दिखा, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नॉर्थ-ईस्ट में क्यों मजबूत हैं हिमंता

नॉर्थ-ईस्ट की राजनीति में हिमंत बिस्व सरमा को एक कुशल रणनीतिकार माना जाता है। उन्होंने क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल, विकास योजनाओं और मजबूत नेतृत्व के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। यही वजह है कि उन्हें इस क्षेत्र का ‘किंग’ कहा जाने लगा है।

Location :  Assam

Published :  4 May 2026, 12:14 PM IST