
बाबा बर्फानी के दर्शन (Img: pexels)
Amarnath Yatra 2026: देशभर के शिव भक्तों में बाबा अमरनाथ के दर्शन को लेकर गजब का उत्साह देखा जाता है। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरु हो रही है। हिमालय की बर्फीली वादियों में स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस साल यात्रा 28 अगस्त रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी।
हर साल की तरह इस बार भी अमरनाथ यात्रा आस्था, भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम बनेगी। करीब 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यात्रा को लेकर प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Shrine Board) ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरे मार्ग पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, विश्राम केंद्र, आपातकालीन सहायता सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं भी विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही इस साल यात्रा क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से नो-फ्लाइंग जोन (No Flying Zone) भी घोषित किया गया है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से केवल स्वीकृत मार्गों का उपयोग करने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां (Security Agencies) पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखेंगी।
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो प्रमुख रास्ते हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जो चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए गुफा तक पहुंचता है। यह मार्ग लंबा जरूर है, लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के कारण अधिक लोकप्रिय माना जाता है। दूसरा बालटाल मार्ग है, जो दूरी में छोटा है, लेकिन अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
प्रशासन ने यात्रा के लिए मेडिकल फिटनेस (Medical Fitness) प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया है। विशेषज्ञों के अनुसार अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है, जहां ऑक्सीजन की कमी और मौसम की कठिन परिस्थितियां स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में हृदय रोग, अस्थमा और उच्च रक्तचाप के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम (Weather) कब बदल जाए, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है। यही वजह है कि यात्रियों को गर्म कपड़े, रेनकोट (Raincoat), वाटरप्रूफ जूते (Waterproof Shoes), आवश्यक दवाइयां और पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम संबंधी चेतावनियों और दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 17 June 2026, 4:37 PM IST