UAE में छिपा था कथित ड्रग किंगपिन, NCB ने भारत लाकर दबोचा… अमित शाह बोले- ‘कहीं छिपोगे, बचोगे नहीं’

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने UAE से कथित ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाया है। उस पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को मोदी सरकार की ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बड़ी उपलब्धि बताया। सरकार ने 2026 से 2029 तक के लिए तीन साल की राष्ट्रीय ड्रग-विरोधी रणनीति भी तैयार की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 August 2026, 1:06 PM IST

New Delhi: नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने UAE से कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाया है। विदेश में बैठकर कथित तौर पर ड्रग नेटवर्क चलाने वाले बसोया की भारत वापसी को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है।

अमित शाह का साफ संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को सरकार की रणनीति का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि जांच एजेंसियां सिर्फ छोटे स्तर के तस्करों तक कार्रवाई सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है। शाह के मुताबिक, एजेंसियों की रणनीति ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर दोनों स्तरों पर काम कर रही है। यानी जहां एक तरफ ड्रग्स की सप्लाई और वितरण करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले कथित मास्टरमाइंड तक भी पहुंच बनाई जा रही है।

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बसोया पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाने का आरोप

NCB के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह बसोया पर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि विदेश में रहने के बावजूद उसकी गतिविधियों और कथित नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी। UAE से उसकी भारत वापसी इसी कार्रवाई का अहम हिस्सा मानी जा रही है। अब जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क, संपर्कों और ड्रग्स की तस्करी से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती हैं।

सरकार का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी नहीं…

केंद्र सरकार की ड्रग्स के खिलाफ रणनीति अब सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। सरकार का दावा है कि ड्रग्स के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें ड्रग्स की तस्करी करने वाले नेटवर्क, आर्थिक संसाधनों, सप्लाई चेन और नशे की मांग को कम करने के साथ-साथ नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है।

तीन साल का राष्ट्रीय प्लान

ड्रग्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने 2026 से 2029 तक के लिए तीन साल की राष्ट्रीय योजना भी तैयार की है। इस रणनीति का उद्देश्य देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और इसके पूरे नेटवर्क पर समन्वित तरीके से कार्रवाई करना है। इस योजना में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि खुफिया जानकारी साझा करने से लेकर कार्रवाई और पुनर्वास तक पूरा सिस्टम एक साथ काम करे।

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40 से ज्यादा मंत्रालय और विभाग मिलकर करेंगे काम

इस तीन वर्षीय योजना की खास बात यह है कि इसमें 40 से अधिक मंत्रालय और सरकारी विभाग शामिल होंगे। इन विभागों के बीच समन्वय के जरिए ड्रग्स की तस्करी रोकने, खुफिया जानकारी मजबूत करने, नशीले पदार्थों की मांग कम करने और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास पर काम किया जाएगा।

NDPS एक्ट की कमियों की भी होगी जांच

सरकार ड्रग्स से जुड़े मौजूदा कानूनों की भी समीक्षा कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक, NDPS एक्ट में मौजूद संभावित कमियों की पहचान की जा रही है, ताकि तस्करी और ड्रग कारोबार से जुड़े लोग कानून की कमजोरियों का फायदा न उठा सकें।

Location :  New Delhi

Published :  14 August 2026, 12:57 PM IST