AI Highway System: अब एआई खुद बताएगा कहां टूटी है सड़क, जानिए क्या है प्लान

NHAI अब देश के नेशनल हाईवे पर AI आधारित ‘डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस’ (DAS) शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम में स्मार्ट कैमरों से लैस गाड़ियां सड़क की हर गतिविधि रिकॉर्ड करेंगी। AI इन डेटा को स्कैन कर गड्ढे, दरारें और अन्य खामियों की पहचान खुद करेगा।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 23 March 2026, 3:46 PM IST

New Delhi: भारत की सड़कें अब पहले से ज्यादा स्मार्ट होने वाली हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देश के लगभग 40 हजार किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने जा रही है। सीधे शब्दों में कहें तो अब इंसानी आंखों से पहले मशीनें सड़क की कमियां पकड़ लेंगी।

क्या है ‘डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस’ (DAS)?

इस नई तकनीक को डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस (DAS) नाम दिया गया है। इसके तहत हाईवे की निगरानी करने वाली रूट पेट्रोल गाड़ियों (RPVs) को हाई-रेजोल्यूशन स्मार्ट डैशकैम से लैस किया जाएगा। ये गाड़ियां हाईवे पर चलते हुए लगातार वीडियो और तस्वीरें कैप्चर करेंगी।

जिन्हें बाद में एडवांस AI और मशीन लर्निंग मॉडल्स के जरिए बारीकी से स्कैन किया जाएगा। यह सिस्टम इतना सटीक है कि यह बिना किसी मानवीय दखल के सड़क पर मौजूद 30 से भी ज्यादा तरह की कमियों और गड़बड़ियों को पहचान सकता है। जिससे सड़कों की मरम्मत का काम पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।

हाईवे की ‘बीमारियों’ का सटीक इलाज

जहां मैन्युअल चेकिंग के दौरान छोटी-मोटी खामियां अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। वहीं यह नया AI सिस्टम हर बारीकी पर नजर रखेगा। यह तकनीक सड़क की खराब हालत जैसे गड्ढे, दरारें और घिसी हुई सतह की पहचान करने के साथ-साथ लेन मार्किंग, क्रैश बैरियर और रोड साइन बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर्स की भी निगरानी करेगी।

इसके अलावा यह सिस्टम बिना अनुमति के कटे हुए डिवाइडर, अवैध होर्डिंग्स और गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों जैसी गतिविधियों को भी ट्रैक करेगा। साथ ही जलभराव, बंद पड़े नाले और सड़क किनारे उगी झाड़ियों जैसे मेंटेनेंस से जुड़े मुद्दों को भी डेटा के जरिए जल्दी सुलझाया जा सकेगा।

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रात में भी होगी कड़ी निगरानी

अब केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के समय भी हाईवे की निगरानी की जाएगी। हर महीने कम से कम एक बार नाइट सर्वे किया जाएगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि अंधेरे में रोड मार्किंग और रिफ्लेक्टर सही तरीके से दिखाई दे रहे हैं या नहीं। इसका उद्देश्य रात के समय होने वाले हादसों को कम करना है।

पांच जोन और हाई-टेक डिजिटल कंट्रोल सिस्टम

इस पूरे मिशन को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए NHAI ने देश को पांच अलग-अलग जोन में विभाजित किया है। जिससे किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इन सभी जोन से मिलने वाला डेटा एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा किया जाएगा। जहां अधिकारी रियल-टाइम में यह देख सकेंगे कि सड़क के किस हिस्से में मरम्मत की जरूरत है और काम की प्रगति क्या है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 23 March 2026, 3:46 PM IST