
AI से भारत को होगा बड़ा आर्थिक फायदा
New Delhi: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) का बढता इस्तेमाल आने वाले समय में अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। देश में एआई को बड़े स्तर पर अपनाने से सकल घरेलू उत्पाद(GDP) में हर साल 28 अरब डॉलर से लेकर 84 अरब डॉलर तक की वृद्धि की संभावना है। आईटी सेवा कंपनी कॉग्निजेंट इंडिया ने एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट में यह सामने आया कि भारत में कर्मचारी एआई के इस्तेमाल और प्रशिक्षण के मामले में वैश्विक औसत से कहीं आगे हैं।
कॉग्निजेंट इंडिया के अनुसार, सर्वे में शामिल 97 प्रतिशत कर्मचारियों ने यह माना कि एआई टूल्स के इस्तेमाल से उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ है, उन्होनें औसतन 15 प्रतिशत उत्पादकता वृद्धि दर्ज होने की बात कही। हालांकि, इस सकारात्मक तस्वीर के बीच एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सही मायने में वर्तमान में केवल 36% कर्मचारियों के पास ही एआई टूल्स की पहुंच है। इसका साफ मतलब है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी एआई के संभावित फायदों का इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं हैं।
यह अध्ययन 10 उद्योगों के 700 एंटरप्राइज कर्मचारियों और 75 वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। अध्ययन की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से मिलने वाला वास्तविक आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनियां इसे कितने बड़े स्तर पर अपनाती हैं और कर्मचारियों की बढ़ी हुई उत्पादकता को आर्थिक उत्पादन में बदलने में कितनी सफल होती हैं।
कॉग्निजेंट इंडिया के रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था पर AI के संभावित प्रभाव का भी आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अगर एआई को पूरे कार्यबल में अपना लिया जाता है और उत्पादकता से मिलने वाले सभी लाभ सीधे आर्थिक उत्पादन में योगदान देते हैं, तो भारत की जीडीपी में सालाना 83 अरब डॉलर तक का सैद्धांतिक फायदा हो सकता है।
प्रतीकात्मक छवि (Source Internet)
हालांकि, कॉग्निजेंट ने साफ किया है कि यह आंकड़ा कोई पूर्वानुमान नहीं है। यह एआई के व्यापक इस्तेमाल और उत्पादकता में संभावित सुधार के आधार पर तैयार किया गया एक सैद्धांतिक आकलन है। कॉग्निजेंट इंडिया के अध्यक्ष राजेश वॅरियर ने बताया, एआई की वास्तविक क्षमता का लाभ उठाने के लिए कंपनियों को इसके व्यापक इस्तेमाल के साथ कर्मचारियों के निरंतर कौशल विकास पर भी ध्यान देना होगा। केवल AI Tools ही उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों को इनका प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए तैयार करना भी उतना ही जरूरी है।
कॉग्निजेंट इंडिया की रिपोर्ट में भारत के कर्मचारियों की AI ट्रेनिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अध्ययन के अनुसार, भारत में सर्वेक्षण में शामिल 74% कर्मचारियों ने एआई प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। यह आंकड़ा वैश्विक औसत 56 प्रतिशत से काफी अधिक है। इससे यह साफ पता चलता है कि AI से जुड़ी तकनीकी दक्षता विकसित करने के मामले में भारतीय कर्मचारी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन प्रशिक्षण और वास्तविक इस्तेमाल के बीच अंतर भी दिखाई देता है। जहां 74 प्रतिशत कर्मचारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है, वहीं केवल 36 प्रतिशत कर्मचारियों के पास एआई टूल्स तक पहुंच होने का अनुमान है।
डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस और नेतन्याहु की ईरान की जनता ने जलाई फोटो
अध्ययन में अलग-अलग उद्योगों में एआई से संभावित उत्पादन वृद्धि के आंकड़े भी दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 82 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि की संभावना जताई गई है। इसके बाद हेल्थकेयर में 38 प्रतिशत, कम्युनिकेशंस में 31 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी तथा बैंकिंग सेक्टर में 28-28 प्रतिशत वृद्धि का आकलन किया गया है। वहीं, रिटेल और FMCG सेक्टर में 18% उत्पादन वृद्धि की संभावना बताई गई है।
रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण खुलासा यह भी है कि एआई के इस्तेमाल से कर्मचारियों की उत्पादकता में सुधार होने के बावजूद कंपनियां इसे अब तक सीधे वित्तीय लाभ में बदलने में सफल नहीं हो पाई हैं। अध्ययन में 35% अधिकारियों ने कर्मचारियों की उत्पादकता में सुधार की बात स्वीकार की। इसके उलट, 84% व्यावसायिक नेताओं ने कहा कि एआई के इस्तेमाल से लागत में कोई कमी नहीं आई है। वहीं, 91% नेताओं ने माना कि एआई का कंपनी के राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
Location : New Delhi
Published : 5 November 2026, 1:58 PM IST