
एयर इंडिया (Img: Pinterest)
New Delhi: Air India की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका स्थित एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन (FAS) के कार्यकारी निदेशक और बोइंग के व्हिसलब्लोअर एड पियर्सन ने AAIB के महानिदेशक को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने जांच की प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पियर्सन ने आरोप लगाया है कि हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने जांच एजेंसी से दुर्घटना से संबंधित अहम डेटा और दस्तावेजों को सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने की मांग की है।
पत्र में दुर्घटनाग्रस्त विमान के ACARS (Aircraft Communications Addressing and Reporting System) और AHM (Aircraft Health Management) डेटा को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इन दोनों प्रणालियों से विमान की तकनीकी स्थिति और उड़ान के दौरान सामने आने वाली संभावित समस्याओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पियर्सन के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-ANB के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और फ्लाइट कंप्यूटर सिस्टम में लगातार तकनीकी खराबियां आने के आरोप हैं। FAS का दावा है कि इन समस्याओं से जुड़े सैकड़ों गैर-सार्वजनिक दस्तावेज AAIB को उपलब्ध कराए गए थे।
उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि विमान के सिस्टम में गंभीर खराबियों से संबंधित जानकारी जांच एजेंसी के पास मौजूद थी, तो अब तक विमानन क्षेत्र के लिए कोई Interim Safety Recommendation या सुरक्षा चेतावनी जारी क्यों नहीं की गई।
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एड पियर्सन ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि जांच में विमान की तकनीकी खामियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा है कि दुर्घटना की जिम्मेदारी केवल एक पायलट पर डालने की दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।
हालांकि, ये आरोप पियर्सन और FAS की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। हादसे की वास्तविक वजह का आधिकारिक निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इन आरोपों के बीच AAIB ने अपनी जांच प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। ब्यूरो के अनुसार, यूके की जांच एजेंसी UK AAIB के विशेषज्ञों के माध्यम से मिले सभी तकनीकी इनपुट को जांच टीम ने अपने अध्ययन में शामिल किया है।
AAIB का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से की जा रही है। इसके लिए Aircraft Rules 2025 और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से ICAO Annex 13, का पालन किया जा रहा है।
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AAIB के मुताबिक, जांच पूरी होने से पहले संवेदनशील तकनीकी जानकारी और CVR (Cockpit Voice Recorder) की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की जा सकती। एजेंसी का कहना है कि ऐसा करने से जांच की गोपनीयता और प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बताया गया है कि AAIB अक्टूबर तक ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट पेश कर सकता है।
इसके बाद हादसे से जुड़े कई अहम सवालों पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना जून 2025 में अहमदाबाद में हुई थी। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
Location : New Delhi
Published : 17 September 2026, 12:55 PM IST