ACC सीमेंट प्लांट पर मंडराया संकट! क्या झींकपानी की औद्योगिक पहचान पर लगने वाला है विराम?

पश्चिमी सिंहभूम के झींकपानी स्थित ACC सीमेंट प्लांट में उत्पादन गतिविधियां घटने से हजारों परिवारों के सामने रोजगार संकट की आशंका गहरा गई है। मजदूर, रैयत और व्यापारी प्लांट के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जबकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 May 2026, 2:24 PM IST

West Singhbhum: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित ACC सीमेंट प्लांट के भविष्य को लेकर क्षेत्र में चिंता का माहौल है। उत्पादन गतिविधियों में लगातार कमी आने से मजदूरों, रैयतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के सामने रोजगार एवं आर्थिक संकट की आशंका गहरा गई है। हालांकि कंपनी की ओर से प्लांट बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।

80 वर्षों से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार

वर्ष 1946 में स्थापित झींकपानी का ACC सीमेंट प्लांट जिले की सबसे पुरानी औद्योगिक इकाइयों में शामिल है। वर्ष 2022 में आदानी समूह द्वारा ACC और अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के बाद इसका संचालन समूह के अधीन है। करीब आठ दशकों से यह प्लांट क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

मजदूरों के सामने रोजगार का संकट

स्थानीय मजदूरों का कहना है कि पहले जहां प्लांट में नियमित उत्पादन होता था, वहीं अब सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही काम मिल पा रहा है। मजदूरों के अनुसार प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लगभग 1000 से 1500 श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं। इससे उनके परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

छोटे कारोबार भी प्रभावित

प्लांट की गतिविधियां कम होने का असर केवल मजदूरों तक सीमित नहीं है। परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, होटल, किराना दुकानों और अन्य छोटे व्यवसायों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियां घटने से बाजार में भी सुस्ती आ गई है।

रैयतों ने उठाए लीज नवीनीकरण के सवाल

रैयतों का आरोप है कि भूमि लीज नवीनीकरण और उससे जुड़े मामलों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वहीं क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि प्लांट से मशीनरी और अन्य उपकरण बाहर भेजे जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

संगठन और जनप्रतिनिधि भी चिंतित

ACC बचाओ आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बालमुचू ने कहा कि यह प्लांट हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। यदि इसका संचालन प्रभावित होता है तो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।

वहीं पूर्व मंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने कहा कि ACC सीमेंट फैक्ट्री का संचालन जनहित में आवश्यक है। उन्होंने भूमि लीज मामले में राज्य सरकार से गंभीर पहल की मांग करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप करने की अपील की है।

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लोगों की निगाहें सरकार और कंपनी पर

फिलहाल झींकपानी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की निगाहें कंपनी प्रबंधन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्लांट के भविष्य को लेकर जल्द स्पष्टता आए, ताकि हजारों परिवारों के सामने खड़ी अनिश्चितता समाप्त हो सके।

Location :  West Singhbhum

Published :  31 May 2026, 2:24 PM IST