जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना पड़ा भारी? CJP के दोनों नेता अभी जेल में रहेंगे!

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और नेता आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और नारे लगाने के मामले में गिरफ्तार दोनों नेताओं को अब बुधवार को फिर से पेश किया जाएगा। वहीं, CJP ने प्रशासन पर गिरफ्तारी लंबी खींचने और जमानत प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया है। जानिए पूरा मामला।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 19 October 2026, 8:41 PM IST

New Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास और नेता आशुतोष रांका को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। दशहरे के मौके पर कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं की हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। इससे पहले 14 अक्टूबर को उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दोनों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बंद गेट फांदकर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि इस स्थान का आधिकारिक विरोध स्थल का दर्जा समाप्त कर दिया गया था।

दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था और अगले दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तिहाड़ जेल वापस ले जाने से पहले, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया गया। CJP का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया में देरी कर रहा है, ताकि उसके नेताओं की रिहाई टाली जा सके। पार्टी के मुताबिक, दोनों नेता जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और नारे लगाने पहुंचे थे। पार्टी आधिकारिक विरोध स्थल का दर्जा खत्म करने के फैसले का भी विरोध कर रही है।

गिरफ्तारी को लंबा खींचने का आरोप

CJP नेता अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि प्रशासन आशुतोष रांका और सौरभ दास की गिरफ्तारी को जानबूझकर लंबा खींच रहा है। उन्होंने कहा कि अदालती कार्यवाही में देरी कर उनकी रिहाई रोकने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, नेताओं को जेल में रखने के लिए प्रशासन देरी का सहारा ले रहा है, जबकि उनके पास हिरासत जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है।

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी दिल्ली पुलिस और प्रशासन पर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने चल रही कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दोपहर में निर्धारित सुनवाई कई घंटे की देरी से शुरू हुई।

जंतर-मंतर पर फहराया था तिरंगा

CJP के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सौरभ दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पहुंचे थे। वहां उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर एहतियाती कार्रवाई के तहत गिरफ्तार कर लिया। बाद में दोनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पुलिस ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे मंजूर करते हुए उन्हें दो दिन और जेल में रखने का आदेश दिया गया। अब दोनों को बुधवार को दोबारा पेश किया जाएगा।

जमानतदारों को खारिज करने पर भी सवाल

रविवार को जमानत मामले की सुनवाई कर रहे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की।

वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आरोप लगाया कि सरकार दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को जानबूझकर लंबा खींच रही है।

Location :  New Delhi

Published :  19 October 2026, 8:37 PM IST