
सूरज फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
New Delhi: हमारा सूरज इस समय बेहद सक्रिय और अस्थिर स्थिति में है। सूर्य की सतह पर लगातार हो रहे शक्तिशाली विस्फोटों ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। इन्हीं घटनाओं के बीच एक विशाल और बेहद ऊर्जावान कोरोनल मास इजेक्शन (CME) और भारी-भरकम सोलर फिलामेंट इरप्शन सीधे पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
अंतरिक्ष एजेंसियों के अनुसार यह सौर तूफान सामान्य नहीं है। इसकी रफ्तार लगभग 1,400 किलोमीटर प्रति सेकंड बताई जा रही है, जो इसे बेहद शक्तिशाली और संभावित रूप से प्रभावशाली बना रही है। इस घटना के चलते स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर (SWPC) ने G3 (Strong) जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म की चेतावनी जारी की है।
क्या हुआ है सूरज पर? एक्टिव रीजन 4461 में बड़ा धमाका
वैज्ञानिकों के मुताबिक 6 जून 2026 की सुबह सूर्य के Active Region 4461 में एक शक्तिशाली M1.8 क्लास सोलर फ्लेयर दर्ज किया गया। यह एक ऐसा विस्फोट होता है जिसमें सूर्य की सतह पर जमा चुंबकीय ऊर्जा अचानक मुक्त हो जाती है और तेज़ रेडिएशन अंतरिक्ष में फैल जाता है।
इसी विस्फोट के साथ एक भारी और घना मैग्नेटिक फिलामेंट भी बाहर निकल गया, जो अब पृथ्वी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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क्या है यह सोलर फिलामेंट?
वैज्ञानिक भाषा में सोलर फिलामेंट सूर्य के कोरोना में मौजूद एक लंबी, ठंडी और घनी प्लाज्मा संरचना होती है, जो सूर्य के शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र से लटकी रहती है। जब यह चुंबकीय संतुलन टूटता है, तो यह फिलामेंट अचानक रबर बैंड की तरह अंतरिक्ष में फैल जाता है -और यही स्थिति अभी बनी हुई है।
कैसे बना इतना शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म?
वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य के इस क्षेत्र में चुंबकीय रेखाएं बेहद उलझी हुई थीं, जो S आकार में तनावपूर्ण स्थिति में थीं। जैसे ही यह तनाव चरम पर पहुंचा, मैग्नेटिक रीकनेक्शन (Magnetic Reconnection) हुआ - यानी चुंबकीय रेखाएं टूटकर फिर जुड़ गईं।
Location : New Delhi
Published : 9 June 2026, 3:08 PM IST
Topics : Solar Storm Space Weather Sun Storm