मुंबई ATS की बड़ी कार्रवाई… टेलीग्राम पर भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में रैपिडो ड्राइवर गिरफ्तार

मुंबई में महाराष्ट्र एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के शक में रैपिडो ड्राइवर और इत्र विक्रेता मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 24 October 2026, 2:06 PM IST

Mumbai: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने मुंबई के माहिम इलाके में रहने वाले रैपिडो ड्राइवर मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित संबंधों के शक में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया।

जांच एजेंसी को संदेह है कि अख्तर रैपिडो ड्राइवर और इत्र विक्रेता के रूप में काम करने की आड़ में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। जांच में उसके पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के संपर्क में होने की आशंका भी जताई गई है।

टेलीग्राम और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने का आरोप

एटीएस के मुताबिक, अख्तर कथित तौर पर 'इंडियन मुस्लिम' नाम के टेलीग्राम ग्रुप में सक्रिय था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने इस ग्रुप में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की ऐसी ऑडियो क्लिप साझा की थीं, जिनमें बाबरी मस्जिद का जिक्र था। वह 'IBN E Qasim' नाम के एक पाकिस्तानी टेलीग्राम चैनल से भी जुड़ा बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर भी कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणियां करता था। उसने 'अब जिहाद का जमाना आ गया है' जैसी टिप्पणी कर लोगों को उकसाने और धार्मिक तनाव बढ़ाने की कोशिश की थी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले आरोपी ने सुरक्षा में कथित चूक को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

मोबाइल फोन जब्त, 39 स्क्रीनशॉट किए सुरक्षित

कार्रवाई के दौरान एटीएस ने आरोपी के पास से रेडमी नोट 14 प्रो मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच के लिए उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े 39 स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच से आरोपी की कथित गतिविधियों और संपर्कों के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा देने के आरोप में अख्तर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी के एक पड़ोसी ने बताया कि वह पिछले साढ़े तीन साल के आसपास से इलाके में किराए के फ्लैट में रह रहा था। पड़ोसी ने कहा कि वह अख्तर को अक्सर बाहर बैठे देखता था और उससे बातचीत भी होती थी। आरोपी इलाके में इत्र बेचता था और रात में कहीं दूसरी जगह काम करता था।

पड़ोसी ने गिरफ्तारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि उसे कभी नहीं लगा था कि अख्तर इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति देश के साथ गद्दारी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।

Location :  Mumbai

Published :  24 October 2026, 2:06 PM IST