सिंहासन पर विराजे मुंबई के विघ्नहर्ता: लालबागचा राजा का पहला लुक आउट, इस बार इको-फ्रेंडली टच भी खास

गणेश चतुर्थी 2026 से ठीक पहले मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा का पहला लुक सामने आ गया है। 14 सितंबर से शुरू हो रहे 10 दिवसीय महाउत्सव के लिए पुतलीबाई चॉल में भव्य पंडाल तैयार है। जानिए बप्पा के इस मनमोहक स्वरूप और परंपरा से जुड़ी खास बातें।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 September 2026, 12:29 PM IST

Mumbai: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही मुंबई की हवाओं में एक अलग ही उमंग और भक्ति का रंग घुल जाता है। 14 सितंबर से शुरू हो रहे दस दिवसीय गणेशोत्सव से ठीक पहले शुक्रवार की शाम मुंबई के सबसे प्रसिद्ध और मनौतियों के राजा लालबागचा राजा की पहली झलक दुनिया के सामने आ गई।

भव्य सिंहासन पर विराजमान बप्पा के शांत, दयालु और ओजस्वी स्वरूप को देखते ही पंडाल जयकारों से गूंज उठा। यह महज एक मूर्ति नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है।

पुतलीबाई चॉल में 92 वर्षों से सज रहा आस्था का दरबार

सेंट्रल मुंबई के परे क्षेत्र में स्थित पुतलीबाई चॉल का यह पंडाल वर्ष 1934 में स्थापित हुआ था। 'लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल' का यह 92वां वर्ष है। हर साल की तरह इस बार भी बप्पा के इस विशाल रूप को गढ़ने की जिम्मेदारी मशहूर कांबली परिवार ने निभाई है।

पिछले आठ दशकों से भी अधिक समय से कांबली परिवार की पीढ़ियां बप्पा के उसी पारंपरिक, नयनाभिराम और ट्रेडमार्क स्वरूप को तराशती आ रही हैं, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से नेता, अभिनेता और आम जनता घंटों कतारों में खड़ी रहती है।

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14 सितंबर से 10 दिनों तक बप्पा की भक्ति में डूबेगा देश

भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला यह पावन पर्व अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। गणेश चतुर्थी को विघ्नहर्ता, बुद्धि और नई शुरुआत के देवता के स्वागत के रूप में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस महाउत्सव में लोग घरों और सार्वजनिक मंडलों में बप्पा की स्थापना करेंगे, व्रत रखेंगे और मोदक समेत पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाएंगे।

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भक्ति के साथ पर्यावरण सुरक्षा की नई पहल

इस बार मुंबई के गणेशोत्सव में आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। जहां लालबागचा राजा का भव्य अनावरण त्योहार की आधिकारिक शुरुआत का संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर मुंबई के कई कारीगर अब प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की जगह इको-फ्रेंडली पेपर और प्राकृतिक मिट्टी से मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। भक्ति और प्रकृति के इस संतुलन के साथ मुंबई बप्पा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

Location :  Mumbai

Published :  12 September 2026, 12:29 PM IST