
130 साल पुरानी इमारत बनी मौत का जाल
Mumbai: दक्षिण मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित 130 साल पुरानी स्वदेशी मार्केट अब लोगों के लिए कारोबार का केंद्र कम और मौत का खतरा ज्यादा बनती जा रही है। बारिश का मौसम सिर पर है, इमारत को खतरनाक घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद न तो इसे खाली कराया गया और न ही पुनर्विकास का काम शुरू हो सका। सैकड़ों किरायेदार और रहिवासी हर दिन डर के साए में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। आरोप है कि कुछ व्यापारी और प्रबंधन से जुड़े लोग निजी हितों के चलते पुनर्विकास प्रक्रिया को रोक रहे हैं, जबकि इमारत की हालत लगातार बदतर होती जा रही है।
कालबादेवी इलाके की स्वदेशी मार्केट दक्षिण मुंबई के पुराने और मशहूर व्यापारिक केंद्रों में गिनी जाती है। यहां कई दशकों से कपड़ों का कारोबार होता आ रहा है। इमारत में चार ब्लॉक हैं, जिनमें करीब 720 किरायेदार और 55 रहिवासी रहते हैं। पुराने ढांचे और जर्जर हालत के बावजूद यहां व्यापार और रहना दोनों जारी है। रहिवासियों का कहना है कि हर बारिश के मौसम में डर और बढ़ जाता है, क्योंकि इमारत कई जगह से कमजोर हो चुकी है।
स्वदेशी मार्केट की हालत को देखते हुए म्हाडा और बीएमसी पहले ही इसे खतरनाक घोषित कर चुके हैं। जुलाई 2023 में इमारत को बी-1 श्रेणी की खतरनाक बिल्डिंग घोषित किया गया था। इसके बाद 26 जून 2025 को म्हाडा ने इसे सी-1 श्रेणी की अत्यंत खतरनाक इमारत बताते हुए सात दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस जारी किया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नोटिस जारी होने के एक साल बाद भी इमारत पूरी तरह खाली नहीं कराई जा सकी है।
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रहिवासियों और पुनर्विकास समर्थकों का आरोप है कि इमारत की स्थिति इतनी खराब होने के बावजूद पुनर्विकास के बजाय मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी उपाय है और इससे खतरा खत्म नहीं होगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब इमारत को अत्यंत खतरनाक घोषित किया जा चुका है तो फिर पुनर्विकास प्रक्रिया को आखिर क्यों रोका जा रहा है।
इमारत में रहने वाले मुकेश मोरे ने बताया कि वह कई वर्षों से अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। उनके मुताबिक, हर मानसून में परिवार के ऊपर खतरे का साया मंडराता रहता है। उन्होंने कहा कि तेज बारिश होने पर पूरी इमारत हिलने लगती है। कई दुकानों के हिस्से टूटकर गिर चुके हैं और हालात इतने खराब हैं कि यहां रहना और व्यापार करना दोनों जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, स्वदेशी मार्केट की बड़ी मरम्मत आखिरी बार वर्ष 1960 में हुई थी। इसके बाद समय के साथ इमारत लगातार कमजोर होती चली गई। वर्ष 2012 में मार्केट का एक पुल भी गिर गया था, जिसके बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई थी। 2016 में इमारत की हालत को देखते हुए सिर्फ मरम्मत नहीं बल्कि पूर्ण पुनर्विकास की मांग तेज हो गई। इसके बाद 2023 में प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
व्यापारियों का आरोप है कि पुराने प्रबंधन ने डेवलपर्स से बातचीत कर पुनर्विकास प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। लेकिन नवंबर 2025 में हुए प्रबंधन चुनाव के बाद हालात बदल गए। नए प्रबंधन ने चुनाव के दौरान पारदर्शी तरीके से पुनर्विकास कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का वादा किया था। मगर आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद पुनर्विकास प्रक्रिया ही रोक दी गई।
Location : Mumbai
Published : 26 May 2026, 2:46 PM IST