महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान के अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित और सह-पायलट शाम्भवी पाठक ने अंतिम तक स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन हादसे को रोक नहीं सके।

कैप्टन सुमित और शाम्भवी पाठक आखिरी पल तक की संघर्षपूर्ण कोशिश (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार का दिन काले अक्षरों में दर्ज हुआ, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई- अजित पवार, उनके निजी सहायक, सुरक्षा अधिकारी और विमान के दो पायलट। हादसे की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने की और बताया कि विमान लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के कारण खेत में गिर गया।
हादसे का शिकार विमान दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स का लेयरजेट 45 (VT-SSK) था, जिसका कुल वजन 9752 किलोग्राम था। इस मॉडल के विमानों के साथ पहले भी सुरक्षा संबंधी मामूली घटनाएं सामने आ चुकी थीं, जिनमें 14 सितंबर 2023 को मुंबई एयरपोर्ट पर हुई घटना शामिल है। बारामती हादसे ने अब कंपनी की रखरखाव प्रक्रिया और सुरक्षा ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। DGCA ने हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है, जो ब्लैक बॉक्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) संचार का विवरण खंगालेगी।
विमान के मुख्य पायलट कैप्टन सुमित नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक सम्मानित नाम थे। उनके पास चार्टर्ड और निजी जेट विमानों को उड़ाने का हजारों घंटे का अनुभव था। कैप्टन सुमित विशेष रूप से वीआईपी प्रोटोकॉल और कठिन लैंडिंग परिस्थितियों में विशेषज्ञ थे। उनके सहयोगियों के अनुसार, वे हर उड़ान से पहले विमान की तकनीकी बारीकियों की खुद जांच करते थे। शांत स्वभाव, सुरक्षा चेतना और उत्कृष्ट निर्णय क्षमता उन्हें कंपनी के सबसे भरोसेमंद पायलटों में शामिल करती थी। इस हादसे ने उनके अनुभव और कुशलता को अधूरा छोड़ दिया।
बारामती विमान हादसा (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
विमान की सह-पायलट शाम्भवी पाठक युवा एविएटर थीं जिन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से एविएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2018-19 में न्यूज़ीलैंड की इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी से विशेष प्रशिक्षण लिया था। 2022 में VSR वेंचर्स से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी तकनीकी दक्षता और विमान संचालन कौशल से सभी को प्रभावित किया। कम समय में उन्होंने कुशल पायलट के रूप में अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन यह हादसा उनके उज्ज्वल भविष्य को असमय समाप्त कर गया।
DGCA की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हादसा सुबह करीब 8:45 से 9:15 के बीच हुआ। विमान रनवे पर उतरने के बजाय अनियंत्रित होकर पास के खेत में जा गिरा और उसमें भीषण आग लग गई। मृतकों में अजित पवार के अलावा उनके पीए, सुरक्षा गार्ड और दोनों पायलट शामिल थे। जांच समिति विमान के ब्लैक बॉक्स, ATC संचार और तकनीकी खराबी के कारणों का विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही विमान की रखरखाव प्रक्रिया और कंपनी के सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी।
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अजित पवार के आकस्मिक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा शोक और खालीपन महसूस किया जा रहा है। इस हादसे ने जनता और प्रशासन दोनों के लिए सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। साथ ही यह घटना निजी विमानन सुरक्षा, पायलट प्रशिक्षण और वीआईपी उड़ानों के जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दोनों पायलटों की कुशलता, अनुभव और समर्पण इस हादसे में विशेष रूप से याद किए जा रहे हैं। उनकी पेशेवर दक्षता और जीवन के प्रति समर्पण ने उन्हें विमानन क्षेत्र के आदर्श पायलटों में शामिल किया।