Ajay Devgn Mumbai House: जुहू वाले बंगले में कथित अवैध निर्माण पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बाद भी नहीं माने निर्देश

Ajay Devgn News: मुंबई के जुहू स्थित अभिनेता अजय देवगन के बंगले में निर्माण कार्य को BMC ने अनधिकृत माना है। 10 सितंबर को नोटिस और 6 अक्टूबर को आदेश जारी हुआ। जानिए किन बदलावों पर आपत्ति उठी और मालिकों का जवाब क्यों खारिज किया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 October 2026, 12:47 PM IST

Mumbai: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन (Ajay Devgn) के मुंबई स्थित जुहू वाले बंगले में निर्माण कार्य को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कार्रवाई चर्चा में है। नगर निकाय ने बंगले में किए जा रहे कुछ निर्माण कार्यों को अनधिकृत बताते हुए मालिकों के जवाब को स्वीकार नहीं किया। मामला जरूरी अनुमतियां पेश नहीं कर पाने से जुड़ा है।

BMC के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी का प्रमाण नहीं दिया गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि बंगले के किस हिस्से को वास्तव में तोड़ा गया और कार्रवाई का दायरा कितना था।

जुहू के बंगले में किन निर्माण कार्यों पर उठा सवाल?

Ajay Devgn का यह बंगला जुहू की कपोल Cooperative Housing Society में स्थित है। बताया गया है कि बंगले का क्षेत्रफल करीब 7,802 वर्ग फुट है और यह अजय देवगन तथा उनकी मां वीणा देवगन का है। बीएमसी के मुताबिक, यहां नगर निकाय की जरूरी अनुमति के बिना अंदरूनी बदलाव, पार्टिशन वॉल बनाने, खिड़कियों में फेरबदल और अन्य संरचनात्मक काम किए जा रहे थे। इन निर्माण गतिविधियों को लेकर ही नगर निकाय ने आपत्ति जताई थी।

10 सितंबर को जारी हुआ था काम रोकने का नोटिस

BMC ने 10 सितंबर को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत काम रोकने का नोटिस जारी किया था। नोटिस में आरोप लगाया गया कि विले पार्ले पश्चिम के जेवीपीडी इलाके में एनएस रोड नंबर 11 स्थित बंगले में सिपोरेक्स ब्लॉक का इस्तेमाल करके बिना अनुमति निर्माण और बदलाव किए जा रहे थे। नगर निकाय ने मालिकों को तुरंत काम रोकने और 24 घंटे के भीतर जरूरी अनुमतियों से जुड़े दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया था।

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6 अक्टूबर के आदेश में बीएमसी ने क्या कहा?

BMC के के-वेस्ट वार्ड कार्यालय ने 6 अक्टूबर को इस मामले में आदेश जारी किया। इसके मुताबिक, 15 सितंबर को दिए गए जवाब के साथ ऐसे दस्तावेज नहीं लगाए गए थे, जिनसे निर्माण कार्य के अधिकृत होने की पुष्टि हो सके। आदेश में कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति का प्रमाण उपलब्ध नहीं होने के कारण मालिकों का जवाब स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर संबंधित निर्माण कार्य को अनधिकृत माना गया।

नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी

BMC ने नोटिस में चेतावनी दी थी कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर अनधिकृत निर्माण और सामग्री हटाई जा सकती है। इसका खर्च और जोखिम मालिक को उठाना पड़ सकता है। पुलिस को भी स्थल पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया था। मामले में बंगले के मालिकों की ओर से जवाब दिया गया था, लेकिन नगर निकाय ने उसे पर्याप्त नहीं माना।

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अब आगे क्या हो सकता है?

यह मामला मुंबई में आवासीय संपत्तियों में निर्माण और नगर निगम की अनुमति से जुड़े नियमों को लेकर अहम है। हालांकि, कार्रवाई के तहत निर्माण का कितना हिस्सा हटाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध विवरण के आधार पर इतना स्पष्ट है कि बीएमसी ने संबंधित निर्माण को अनधिकृत माना और पेश किए गए जवाब को खारिज कर दिया। आगे की स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Mumbai

Published :  17 October 2026, 12:47 PM IST