माघ पूर्णिमा 2026 1 फरवरी को है। जानिए गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व। इस दिन दान-पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

माघ पूर्णिमा 2026 (img Source: Google)
New Delhi: माघ पूर्णिमा हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से गंगा स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि और समय इस प्रकार है:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि होती है, उसी दिन व्रत और स्नान करना उत्तम माना जाता है। चूंकि 01 फरवरी 2026 को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि है, इसलिए माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को ही मनाई जाएगी।
शास्त्रों में इस दिन स्नान और दान के लिए विशेष समय बताए गए हैं:
यदि सुबह स्नान संभव न हो, तो इस समय भी गंगा स्नान और दान-पुण्य किया जा सकता है।
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सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। यदि बाहर नहीं जा सकते, तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
माघ पूर्णिमा का यह दिन जीवन में शांति, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति लाने का अवसर प्रदान करता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी और धार्मिक मार्गदर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया है। समय और तिथियों की पुष्टि के लिए आधिकारिक पंचांग और स्थानीय ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-अर्चना से पहले व्यक्तिगत विवेक और परंपरा का पालन करें।
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