
देर रात तक फोन चलाने से बड़ रही है PCOS का समस्या( AI Generayed ig)
New Delhi: आजकल बहुत से लोग रात में सोने की बजाय मोबाइल चलाते रहते हैं। कोई सोशल मीडिया देखता है, कोई वीडियो और रील्स देखता है, तो कोई देर रात तक चैटिंग करता है। शुरुआत में यह आदत सामान्य लगती है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।
1.नींद आने में परेशानी-मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light हमारे शरीर में बनने वाले Hormone melatonin पर असर पड़ता है, जिससे नींद न आने की समस्या पैदा होती है।
देर रात तक फोन चलाने से melatonin hormone पर असर( AI Generated image)
2. मानसिक स्वास्थ्य पर असर -देर रात तक लगातार फोन चलाने से नींद कम हो सकती है। इससे तनाव, बेचैनी और मूड में बदलाव की समस्या बढ़ सकती है। खासकर सोशल मीडिया पर लगातार दूसरों से तुलना करना मानसिक दबाव बढ़ा सकता है।
3. आंखों और शरीर में परेशानी -लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, सिरदर्द और गर्दन में दर्द हो सकता है। सोने के समय गलत मुद्रा में फोन चलाना भी परेशानी बढ़ा सकता है।
देर रात तक फोन चलाने से आंखो मे खुजली( AI Generated ig)
हार्मोन शरीर में बनने वाले ऐसे रासायनिक संदेशवाहक हैं जो नींद, भूख, तनाव, ऊर्जा, मेटाबॉलिज्म और प्रजनन जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
1. मेलाटोनिन (Melatonin) — नींद का हार्मोन
अंधेरा होने पर शरीर मेलाटोनिन बनाता है, जो सोने का संकेत देता है। रात में तेज रोशनी और मोबाइल का इस्तेमाल इस हार्मोन के बनने के समय को प्रभावित कर सकता है। इससे नींद आने में देर हो सकती है।
2.कोर्टिसोल (Cortisol) — तनाव का हार्मोन
यह हार्मोन शरीर को सक्रिय रखने और तनाव से निपटने में मदद करता है। इसकी मात्रा सामान्य रूप से सुबह अधिक और रात में कम होती है। लगातार कम नींद लेने से इसकी Natural Cycle बिगड़ सकती है।
3.इंसुलिन (Insulin) — ब्लड शुगर नियंत्रित करने वाला हार्मोन
लगातार कम नींद शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता कम कर सकती है। लंबे समय में यह Blood sugar के नियंत्रण और Metabolic स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
1 सोने से 30–60 मिनट पहले फोन बंद करें। फोन को बिस्तर से दूर रखें और उसकी जगह किताब पढ़ने या हल्का संगीत सुनने जैसी शांत गतिविधि अपनाएं।
2 सोने और उठने का समय तय रखें।
3 रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।आमतौर पर 7–9 घंटे की नींद चाहिए।
4 रात में रोशनी कम रखें।
5 सोने से पहले कमरे की तेज रोशनी कम करें।
6 कैफीन से बचें।
7 शाम और रात में चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक लेने से नींद आने में देर हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 29 October 2026, 9:55 AM IST
Topics : LateNightPhone Usage ModernLifestyle Diseases PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) ScreenTime Addiction