
जानें कौन हैं सरप्रीत सिंह? (Img: Google)
New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक ऐसा नाम सुर्खियों में है, जिसने भारतीय मूल के लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। न्यूजीलैंड की ओर से खेलने वाले सरप्रीत सिंह ने वह उपलब्धि हासिल की है, जो अब तक कोई भारतीय मूल का फुटबॉलर नहीं कर सका था। विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उतरते ही उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
सरप्रीत सिंह का जन्म 20 फरवरी 1999 को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में हुआ था। हालांकि उनकी पारिवारिक जड़ें भारत के पंजाब राज्य के जालंधर से जुड़ी हैं। उनके माता-पिता बेहतर भविष्य की तलाश में न्यूजीलैंड जाकर बस गए थे। परिवार ऑकलैंड में एक किराने की दुकान चलाता है और इसी माहौल में सरप्रीत का बचपन बीता था।
फुटबॉल के प्रति सरप्रीत का लगाव बचपन से ही था। महज सात साल की उम्र में उन्होंने ऑकलैंड की एक फुटबॉल अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। मैदान पर उनकी प्रतिभा जल्द ही लोगों की नजर में आने लगी और धीरे-धीरे वे न्यूजीलैंड की युवा फुटबॉल संरचना का अहम हिस्सा बन गए।
सरप्रीत सिंह ने न्यूजीलैंड की अंडर-17 और अंडर-20 टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पहचान बनाई। युवा स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया। लगातार बेहतर खेल के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में आगे बढ़ने के अवसर मिलते गए।
अपने करियर के दौरान सरप्रीत को यूरोप में खेलने का भी मौका मिला। साल 2020 में उन्होंने जर्मनी के क्लब एफसी नूर्नबर्ग के साथ लोन डील साइन की थी। यूरोपीय फुटबॉल के अनुभव ने उनके खेल को और निखारा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें नई पहचान दिलाई।
सरप्रीत सिंह का भारत से एक खास कनेक्शन भी रहा है। साल 2018 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप के दौरान वे न्यूजीलैंड की टीम के साथ भारत के खिलाफ मैदान पर उतरे थे। उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीत दर्ज की थी और दोनों गोल में सरप्रीत की अहम भूमिका रही थी। मैच के बाद उन्होंने कहा था कि ‘सिंह’ होने के नाते भारत के खिलाफ खेलना उनके लिए एक अलग अनुभव था।
16 जून को ईरान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सरप्रीत सिंह न्यूजीलैंड की शुरुआती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। उन्होंने मिडफील्ड में पूरे मैच के दौरान शानदार योगदान दिया और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसी के साथ वे फीफा वर्ल्ड कप में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बन गए।
न्यूजीलैंड और ईरान के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया और मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। हालांकि इस मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सरप्रीत सिंह की हो रही है, जिन्होंने अपने प्रदर्शन और उपलब्धि से इतिहास रच दिया।
Location : New Delhi
Published : 16 June 2026, 7:44 PM IST