धरती से 400 KM दूर अंतरिक्ष में हुई वोटिंग, अनिल मेनन समेत तीन वैज्ञानिकों ने डाला वोट

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव के दौरान एक खास बात सामने आई। इस चुनाव में सिर्फ धरती पर रहने वाले लोगों ने ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में मौजूद वैज्ञानिकों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। खास बात यह है कि अंतरिक्ष से करीब 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से भी वोट डाले गए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 November 2026, 9:23 AM IST

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव के दौरान एक खास बात सामने आई। इस चुनाव में सिर्फ धरती पर रहने वाले लोगों ने ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में मौजूद वैज्ञानिकों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। खास बात यह है कि अंतरिक्ष से करीब 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से भी वोट डाले गए।
जानकारी के मुताबिक, NASA के तीन वैज्ञानिकों ने स्पेस स्टेशन पर रहते हुए मतदान किया। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने वोटिंग से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। इस घटना ने दिखाया कि लोग दुनिया के किसी भी कोने में हों, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अपना अधिकार निभा सकते हैं।

अंतरिक्ष से NASA के तीन वैज्ञानिकों ने किया मतदान, इलेक्ट्रॉनिक बैलेट के जरिए डाला वोट

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में NASA के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष से ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है। इसमें बताया गया है कि अंतरिक्ष में रहते हुए भी वोट डालने की सुविधा कैसे मिलती है।
अनिल मेनन ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने दो साथी अंतरिक्ष यात्रियों ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस के साथ इलेक्ट्रॉनिक बैलेट के जरिए मतदान किया। इसके बाद तीनों ने अपने वोट सुरक्षित तरीके से चुनाव अधिकारियों तक पहुंचा दिए।
अनिल मेनन ने अपनी पोस्ट में बताया कि अंतरिक्ष से भी मतदान करना संभव है। उन्होंने कहा कि स्पेस स्टेशन पर मौजूद तीनों अमेरिकी क्रू सदस्यों ने इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरा और उसे सुरक्षित रूप से चुनाव अधिकारियों को भेज दिया।

अंतरिक्ष में सोने के केबिन को बनाया मतदान केंद्र, कंप्यूटर से भेजा अपना वोट

अनिल मेनन ने सोशल मीडिया पर 29 सेकंड का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने अपना सोने का छोटा केबिन दिखाया, जिस पर 'आई वोटेड' यानी 'मैंने वोट दिया' का स्टिकर लगा हुआ था। यही केबिन उनके लिए मतदान केंद्र बना। वीडियो में मेनन ने बताया कि उनके केबिन में एक कंप्यूटर है। इसी कंप्यूटर की मदद से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म भरा और उसे अमेरिका के टेक्सस राज्य की हैरिस काउंटी में भेजा। इस तरह उन्होंने अंतरिक्ष में रहते हुए अपना वोट डाला। हैरिस काउंटी में ही NASA का जॉनसन स्पेस सेंटर और मिशन कंट्रोल मौजूद है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस ने भी इसी तरीके से अपना मतदान किया। अनिल मेनन 14 जुलाई को रूसी सोयुज यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। वहीं, ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस 1 अक्टूबर को स्पेसएक्स

रॉकेट के जरिए ISS पहुंचे थे।

 

अंतरिक्ष में बैठकर कैसे वोट डालते हैं अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री?

अंतरिक्ष में मौजूद वैज्ञानिकों के मतदान के लिए NASA एक खास तकनीक का इस्तेमाल करता है, जिसे 'नियर स्पेस नेटवर्क' कहा जाता है। इस नेटवर्क का संचालन मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में मौजूद गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर करता है।
इस प्रक्रिया में अंतरिक्ष यात्री अपना वोट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजते हैं। वोट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए उसे खास सुरक्षा तकनीक (एन्क्रिप्शन) के जरिए चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। इस वोट को केवल संबंधित अंतरिक्ष यात्री और चुनाव अधिकारी ही देख सकते हैं।
अंतरिक्ष से मतदान की सुविधा अमेरिका में साल 1997 से शुरू हुई थी। उस समय टेक्सस में एक कानून बनाया गया, जिसके तहत अंतरिक्ष में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को भी चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी गई।
NASA के अंतरिक्ष यात्री डेविड वुल्फ इस सुविधा का इस्तेमाल करने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने रूस के मीर स्पेस स्टेशन में रहते हुए अंतरिक्ष से अपना वोट डाला था।

Location :  New Delhi

Published :  4 November 2026, 9:23 AM IST