
ओहायो में एमी एक्टन की जीत (IMG: Pinterest)
New Delhi: अमेरिका के ओहायो में गवर्नर पद के चुनाव नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एमी एक्टन के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। इस मुकाबले पर अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत की भी नजरें टिकी थीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन और रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत राजनीतिक आधार के बावजूद रामास्वामी अपनी सीट नहीं बचा सके। दूसरी तरफ एमी एक्टन ने जीत दर्ज कर करीब दो दशक बाद ओहायो में डेमोक्रेटिक पार्टी की वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।
ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से विवेक रामास्वामी मैदान में थे, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने एमी एक्टन को अपना उम्मीदवार बनाया था। दोनों नेताओं के बीच चुनावी मुकाबला काफी चर्चा में रहा। रामास्वामी भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी और बायोटेक उद्यमी हैं। वह 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने राष्ट्रपति पद की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था। इस बार उन्होंने ओहायो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ा। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ही राज्य की रिपब्लिकन पार्टी का भी समर्थन हासिल था। पार्टी के नामांकन के बाद रामास्वामी को रिपब्लिकन खेमे का प्रमुख चेहरा माना जा रहा था।
एमी एक्टन की जीत को ओहायो की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने करीब 20 साल बाद राज्य के गवर्नर पद पर जीत हासिल की है। इससे पहले साल 2006 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने यहां गवर्नर पद का चुनाव जीता था। उसके बाद से रिपब्लिकन पार्टी राज्य की राजनीति में मजबूत स्थिति में रही। डेमोक्रेट्स के लिए यह चुनाव इसलिए भी अहम था, क्योंकि पार्टी लंबे समय से ओहायो में गवर्नर पद पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश कर रही थी। इस बार एमी एक्टन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर पार्टी को वह सफलता दिलाई, जिसका इंतजार करीब दो दशकों से किया जा रहा था।
विवेक रामास्वामी को हराने वाली एमी एक्टन पेशे से चिकित्सक हैं। राजनीति में आने से पहले उनकी पहचान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी रही है। वह ओहायो राज्य की पूर्व स्वास्थ्य निदेशक के रूप में भी काम कर चुकी हैं। इसी वजह से राज्य के लोगों के बीच उनका नाम पहले से जाना-पहचाना रहा है। एमी एक्टन को सबसे ज्यादा पहचान कोरोना महामारी के दौरान मिली थी। कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में उन्होंने ओहायो के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय राज्य में संक्रमण की रोकथाम, स्वास्थ्य व्यवस्था और महामारी से निपटने की रणनीति को लेकर वह लगातार चर्चा में रही थीं।
ओहायो के तत्कालीन रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन के प्रशासन में उन्होंने स्वास्थ्य निदेशक के रूप में काम किया था। महामारी के दौरान उनके फैसलों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कामों ने उन्हें राज्यव्यापी पहचान दिलाई। यही पहचान बाद में उनकी राजनीतिक यात्रा में भी महत्वपूर्ण रही। इस चुनाव में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवर्नर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की और रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के खिलाफ चुनाव लड़ा। आखिरकार उन्हें जीत हासिल हुई।
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ओहायो में गवर्नर पद का चुनाव निवर्तमान रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन का कार्यकाल पूरा होने के कारण कराया गया था। डिवाइन कार्यकाल की समयसीमा से जुड़े नियमों के कारण तीसरी बार इस पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते थे। ऐसे में राज्य में नए गवर्नर के चयन के लिए चुनाव हुआ। रिपब्लिकन पार्टी ने इस पद के लिए विवेक रामास्वामी पर भरोसा जताया था। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से एमी एक्टन को उम्मीदवार बनाया गया।
चुनाव में हार के बाद विवेक रामास्वामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका के इतिहास में कई बार उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन देश ने हर बार आगे बढ़ने का रास्ता खोजा है। उनके इस बयान को चुनावी नतीजों के बाद उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। रामास्वामी के लिए यह चुनाव राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण था। वह पहले ही 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अपनी दावेदारी पेश कर चुके थे। इसके बाद ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव उनके राजनीतिक सफर का एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा था।
Location : New Delhi
Published : 4 November 2026, 12:04 PM IST