
अमेरिका-ईरान में आर-पार की लड़ाई (Img- Internet)
Tehran: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिराए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग भड़कती दिख रही है। लगातार दूसरे दिन अमेरिका ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं।
इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में तेहरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव बेहद हिंसक हो गया है।
डोनाल्ड ट्रंप के कड़े तेवरों के बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया है। यूएस मिलिट्री ने पश्चिमी तेहरान, फार्स प्रांत, बंदर अब्बास और केशम द्वीप समेत ईरान के कई संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया।
इसके अलावा गोरगन, सिरकी और मीनाब शहरों पर भी भारी बमबारी की गई है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान और फार्स प्रांत में आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है।
इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी की है। सेंट्रल कमांड ने कहा, "कमांडर इन चीफ के निर्देश पर आज शाम 5:15 बजे (पूर्वी समय) ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले शुरू किए गए हैं। ये हमले ईरान की निरंतर आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं।" इस बयान के तुरंत बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, "ईरान ने समझौते के लिए बातचीत में बहुत अधिक समय गंवा दिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।"
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ट्रंप ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव को तेहरान द्वारा ठुकराए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की। वहीं, अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरान के प्रमुख और रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी जारी रखेगी।
यूएस की इस बड़ी कार्रवाई के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी विनाशकारी पलटवार किया है। IRGC का दावा है कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर ठिकानों के साथ-साथ बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर स्थित 18 महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यही नहीं, ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रूट 'होर्मुज स्ट्रेट' को पूरी तरह बंद कर दिया है और वहां से गुजर रहे दो जहाजों पर हमला कर उन्हें रोक दिया है।
Location : Tehran
Published : 11 June 2026, 8:16 AM IST