
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- Pinterest)
Washington: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के समापन के ठीक बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी प्रशासन ने नियमों के गंभीर उल्लंघन का हवाला देते हुए न्यूयॉर्क में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के दो राजनयिकों को देश छोड़ने का सख्त आदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकें और आधिकारिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी कई ईरानी राजनयिक तय समय सीमा का उल्लंघन करते हुए न्यूयॉर्क में रुके हुए थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को कूटनीति के तय प्रोटोकॉल और नियमों के खिलाफ माना। प्रशासन का स्पष्ट रुख था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आने वाले प्रतिनिधियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अपना दौरा समाप्त करना अनिवार्य होता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पहले ही ईरानी मिशन को पूरा प्रतिनिधिमंडल फौरन वापस भेजने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, जब शुक्रवार को जांच में यह पाया गया कि दो ईरानी राजनयिक अभी भी न्यूयॉर्क में मौजूद हैं, तो अमेरिकी प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो कूटनीतिक नियमों और समय-सीमा के पालन को लेकर बेहद सख्त हैं। नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त न करते हुए दोनों राजनयिकों को देश छोड़ने का अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया गया। अमेरिकी दबाव का असर यह हुआ कि एक राजनयिक ने शुक्रवार रात और दूसरे ने शनिवार सुबह न्यूयॉर्क से अपनी वतन वापसी की उड़ान भरी।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और निष्कासन के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी पक्ष का तर्क है कि उनके प्रतिनिधिमंडल की रवानगी किसी अमेरिकी दबाव या निष्कासन के तहत नहीं हुई, बल्कि उनका यह सफर और प्रस्थान पूरी तरह से उनके पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही था। ईरान ने अमेरिकी बयानों को राजनीति से प्रेरित और निराधार करार दिया है।
यह ताजा घटनाक्रम ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच के संबंध पहले से ही भारी तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट, रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध और लंबे समय से परमाणु वार्ता में आए कूटनीतिक ठहराव ने दोनों देशों के बीच की दूरियों को और बढ़ा दिया है। राजनयिकों के इस कथित निष्कासन ने इस तनाव में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
Location : Washington
Published : 4 October 2026, 8:40 AM IST