अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुज्तबा खामेनेई सुप्रीम लीडर बनने पर नाराजगी जताई है। साथ ही दुनियाभर में बढ़ रही तेल की कीमतों को लेकर मंडरा रहे खतरे को लेकर ट्रंप ने कहा वह दुनिया में तेल की कीमतों बढ़ने नहीं देंगे।

ईरान के सुप्रीम लीडर बनने पर ट्रंप की चेतावनी
New Delhi: अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फैसले पर सख्त नाराजगी जताई है। साथ ही दुनियाभर में बढ़ रही तेल की कीमतों को लेकर मंडरा रहे खतरे को लेकर ट्रंप ने कहा कि वह दुनिया में तेल की कीमतों बढ़ने नहीं देंगे।
56 साल के मुज्तबा को 88 मेंबर वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश के सबसे बड़े पद के लिए चुना था। धर्मगुरुओं की संस्था ने कन्फर्म किया कि मुज्तबा को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के रिप्रेजेंटेटिव्स के डिसाइडिव वोट के आधार पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सिस्टम के तीसरे लीडर के तौर पर अपॉइंट और इंट्रोड्यूस किया गया है। यह बदलाव एक मिलिट्री कैंपेन के बाद हुआ है जिसमें पूर्व लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुज्तबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने पर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में इस तरह का फैसला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
तेल की कीमतों को लेकर भी ट्रंप ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बढ़ती तेल कीमतों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तेल की कीमतों को अनियंत्रित रूप से बढ़ने नहीं देगा और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और अमेरिका की प्रतिक्रिया के बाद मध्य पूर्व की राजनीति और ऊर्जा बाजार पर इसका असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
मुज्तबा खामेनेई ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता हैं। वो 8 मार्च 2026 से इस पद पर हैं। मुज्तबा पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। अली खामेनेई की मौत अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में हुई थी। मुज्तबा ने कोम में इस्लामी अध्ययन किया है। ईरान-इराक जंग के दौरान मुज्तबा ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर में सेवा दी थी। IRGC और बसिज फोर्स से उनके गहरे संबंध माने जाते हैं। वो ईरान के सबसे कट्टरपंथी विचारकों में गिने जाते हैं। माना जाता है कि वो परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के पक्ष में ज्यादा आक्रामक हैं।