
डोनाल्ड ट्रंप का फार्मा दांव (Img- Pinterest)
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर एक बड़ा ऐलान करते हुए विदेशी जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाने का रोडमैप जारी किया है। ट्रंप का कहना है कि वे फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को वापस अमेरिका लाना चाहते हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि दवाओं को रातों-रात अमेरिका में बनाना मुमकिन नहीं है, जिससे यह फैसला खुद अमेरिकी जनता की जेब पर भारी पड़ सकता है।
ट्रंप की योजना के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 से शुरुआती दो सालों तक जेनेरिक दवाओं पर जीरो टैरिफ रहेगा। तीसरे साल यह टैक्स 100% और उसके बाद सीधे 200% हो जाएगा। इस दो साल की छूट के पीछे की मंशा विदेशी कंपनियों को अमेरिका में अपने प्लांट लगाने के लिए मजबूर करना है। जो कंपनियां ऐसा नहीं करेंगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' कहा जाता है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली कुल जेनेरिक दवाओं में से लगभग 40% आपूर्ति भारत से होती है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर (करीब 38% वैश्विक निर्यात) की दवाएं भेजी थीं। अगर टैरिफ बढ़ता है, तो भारतीय कंपनियों का मुनाफा प्रभावित हो सकता है, लेकिन इसका सीधा असर अमेरिकी मरीजों पर भी पड़ेगा जिन्हें सस्ती भारतीय जेनेरिक दवाओं की आदत है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक राहत की किरण भारत और अमेरिका के बीच हुआ द्विपक्षीय व्यापार समझौता है। इसमें जेनेरिक दवाओं के संबंध में बातचीत के जरिए हल निकालने पर सहमति बनी थी। भारतीय फार्मा उद्योग के पास अपनी बात रखने और अमेरिकी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए अभी दो साल का समय है।
Location : New Delhi
Published : 22 July 2026, 10:23 AM IST