
भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने की कोशिश
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों और भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के विचार पर Google के CEO सुंदर पिचाई से बातचीत करने का दावा किया। ट्रंप के मुताबिक, पिचाई ने उन्हें समझाया कि महासागर कई देशों से जुड़े होते हैं, इसलिए उनका नाम बदलना किसी झील या खाड़ी के नाम में बदलाव करने जैसा नहीं है। इसके बाद ट्रंप ने अटलांटिक महासागर का नाम बदलने की योजना से पीछे हटने की बात कही और प्रशांत महासागर को ‘American Ocean’ नाम देने का विचार भी सामने रखा। हालांकि, Google ने इस बातचीत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
पहले Gulf of America, फिर Lake America और अब महासागर की बारी?
ट्रंप के इस विचार को उनके पहले के फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है। 20 जनवरी 2025 को उन्होंने अमेरिकी संघीय सरकार के इस्तेमाल के लिए Gulf of Mexico का नाम Gulf of America करने का आदेश दिया था। इसके बाद अगस्त 2026 में Lake Ontario का नाम अमेरिकी संघीय इस्तेमाल के लिए Lake America करने का आदेश भी सामने आया। इन बदलावों का असर अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों और कुछ डिजिटल मैप सेवाओं पर पड़ा, लेकिन दूसरे देशों ने हर बदलाव को स्वीकार नहीं किया। अब अटलांटिक या प्रशांत महासागर के नाम को लेकर चर्चा इसलिए अधिक जटिल है, क्योंकि ये जलक्षेत्र कई देशों से जुड़े हैं और अंतरराष्ट्रीय नौवहन, व्यापार तथा समुद्री नक्शों में इनकी पहचान लंबे समय से स्थापित है।
सुंदर पिचाई ने क्या कहा और Google की क्या भूमिका है?
22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने दक्षिण कैरोलिना की एक रैली में दावा किया कि उन्होंने अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के संबंध में Google से संपर्क किया था। उनके मुताबिक, सुंदर पिचाई ने यह कहते हुए प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई कि महासागर कई देशों से जुड़े होते हैं।
यह विवरण ट्रंप के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। Google की ओर से इस कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे Google द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित निर्णय के बजाय ट्रंप के दावे के रूप में समझना चाहिए।
क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश से बदल जाएगा महासागर का नाम?
इस सवाल का जवाब है अमेरिका के सरकारी इस्तेमाल के लिए नाम बदलने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन इससे पूरी दुनिया में नाम अपने आप नहीं बदल जाएगा। अमेरिकी सरकार अपने संघीय संस्थानों और सरकारी नक्शों में किसी भौगोलिक नाम को अपनाने का निर्देश दे सकती है। लेकिन दूसरे देशों की सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और निजी मैपिंग कंपनियां अपने नियमों तथा मानकों के अनुसार फैसला कर सकती हैं। Google Maps पर किसी स्थान का नाम बदल जाना भी अपने आप अंतरराष्ट्रीय मान्यता का प्रमाण नहीं है।
महासागरों के मामले में यह चुनौती और बड़ी है, क्योंकि उनका इस्तेमाल अनेक देशों के समुद्री नक्शों, जहाजरानी और अंतरराष्ट्रीय संचार में होता है। ऐसे में किसी नए नाम को व्यापक रूप से स्वीकार कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमति और मानकीकरण महत्वपूर्ण होंगे।
Location : New Delhi
Published : 23 October 2026, 2:52 PM IST
Topics : Atlantic ocean Donald Trump Trump ocean