Washington DC Mayor Election: कौन हैं रिनी संपत? जो अमेरिका में मेयर पद की पहली दक्षिण एशियाई दावेदार बनकर उभरीं

तमिलनाडु के थेनी में जन्मी रिनी संपत ने वाशिंगटन डीसी के मेयर चुनाव में उतरकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद के लिए बैलेट पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बनी हैं। ‘Fix the Basics’ के नारे के साथ चुनाव लड़ रही 31 वर्षीय रिनी क्या अमेरिका की राजधानी की कमान संभाल पाएंगी? पढ़ें खबर में आगे…

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 4 April 2026, 12:06 PM IST

New Delhi: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के मेयर चुनाव में इस बार भारत का नाम गूंज रहा है। तमिलनाडु के एक छोटे से कस्बे में जन्मी रिनी संपत ने इतिहास रच दिया है। वह वाशिंगटन डीसी के मेयर पद के चुनाव (प्राइमरी) के लिए आधिकारिक उम्मीदवार बनने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गई हैं। रिनी का मुकाबला अमेरिका के बड़े और अनुभवी नेताओं के साथ है, लेकिन उनकी सादगी और काम करने के तरीके ने सबको प्रभावित किया है।

7 साल की उम्र में छोड़ा था भारत, अब अमेरिका में संभालेंगी कमान

31 साल की रिनी संपत का जन्म तमिलनाडु के थेनी जिले में हुआ था। जब वह सिर्फ 7 साल की थीं, तब उनका परिवार भारत छोड़कर अमेरिका जाकर बस गया था। पिछले 10 सालों से वह वाशिंगटन डीसी में रह रही हैं और वहां एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करती हैं।

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रिनी कहती हैं कि वह कोई मंझी हुई राजनेता नहीं हैं, बल्कि एक आम नागरिक हैं जो अपने शहर की समस्याओं को करीब से जानती हैं। उनका मानना है कि शहर को चलाने के लिए किसी बड़े नेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की जरूरत है जो जनता के प्रति ईमानदार हो।

बड़े वादे नहीं, छोटी और जरूरी समस्याओं को सुलझाना है मकसद

रिनी संपत का चुनाव लड़ने का तरीका बहुत ही सीधा और सरल है। उन्होंने अपने अभियान का नाम 'Fix the Basics' रखा है। वह बड़े-बड़े राजनीतिक वादे करने के बजाय छोटी लेकिन जरूरी समस्याओं पर ध्यान दे रही हैं।

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रिनी का कहना है कि अगर वह मेयर बनती हैं, तो उनका सबसे पहला काम सड़कों के गड्ढे भरना, शहर की नदियों की सफाई करना और इमरजेंसी सर्विस (911) के रिस्पॉन्स समय को सुधारना होगा। वह चाहती हैं कि वाशिंगटन डीसी के लोग महंगाई से परेशान न हों और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें।

सिर्फ चार हफ्तों में करिश्मा, अब जून में होगा असली मुकाबला

रिनी ने यह मुकाम बहुत कम समय में हासिल किया है। उन्होंने सिर्फ चार हफ्तों के छोटे से प्रचार अभियान के जरिए चुनाव के मतपत्र (Ballot) में अपनी जगह बना ली। खास बात यह है कि उनके पीछे कोई बड़ी कंपनी या पावरफुल ग्रुप नहीं है, बल्कि वह आम लोगों के समर्थन से चुनाव लड़ रही हैं। वाशिंगटन डीसी में हमेशा से डेमोक्रेटिक पार्टी का दबदबा रहा है, इसलिए 16 जून को होने वाले शुरुआती चुनाव उनके लिए बहुत अहम होंगे। अगर वह वहां जीतती हैं, तो 3 नवंबर को होने वाले मुख्य चुनाव में वह अपनी जीत का परचम लहरा सकती हैं।

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  • New Delhi

Published : 
  • 4 April 2026, 12:06 PM IST