मंगल पर इंसान बसाने की तैयारी, चांद का रहस्य जानने को जापान ने मिट्टी लाने के लिए भेजा रॅाकेट

जहां मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाने की तैयारी की योजना बनाई जा रही है, वही जापान ने मंगल ग्रह से मिट्टी लाने के लिए आज एच-3 रॅाकेट को रवाना किया।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 20 October 2026, 2:12 PM IST
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New Delhi: अंतरिक्ष की दुनिया में मंगल ग्रह को लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अमेरिका और निजी अंतरिक्ष कंपनियां भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने और वहां बस्ती बसाने की तैयारी कर रही हैं, वहीं जापान का ध्यान मंगल के दो छोटे चंद्रमाओं-फोबोस और डीमोस पर है। जापान इन चंद्रमाओं के रहस्यों को समझने के लिए विशेष अंतरिक्ष मिशन पर काम कर रहा है। सवाल यह है कि जब दुनिया मंगल पर इंसानों को बसाने की बात कर रही है, तो जापान उसके चांदों की रहस्य की खोज में क्यों जुटा है।

मंगल के चांदों से क्या जानना चाहता है जापान?

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा (JAXA) ने मंगल के चंद्रमाओं का अध्ययन करने के लिए ‘मार्स मून्स एक्सप्लोरेशन’ (MMX) मिशन तैयार किया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य फोबोस और डीमोस की शुरुआत और उनकी बनावट को समझना है। वैज्ञानिक यह पता लगाना चाहते हैं कि ये चंद्रमा मंगल के गुरुत्वाकर्षण (gravitational force) के कारण पकड़े गए क्षुद्रग्रह( Asteroids) हैं या मंगल से निकले पदार्थों से बने हैं।

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इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यान फोबोस के पास जाकर उसका अध्ययन करेगा और उसकी सतह से मिट्टी के नमूने इकट्ठा करेगा। नमूनों को पृथ्वी पर लाकर जांचने से वैज्ञानिकों को मंगल और उसके आसपास के अंतरिक्ष के इतिहास को समझने में मदद मिल सकती है।

2031 तक फोबोस से धरती पर मिट्टी लाएगा जापान

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा (JAXA) के अनुसार MMX मिशन का लक्ष्य मंगल के चंद्रमा फोबोस से कम से कम 10 ग्राम मिट्टी और चट्टानों के नमूने धरती पर लाने है। यह मिशन 20 अक्तूबर 2026 को एच-3 रॅाकेट से रवाना हुआ। अंतरिक्ष यान के अगस्त 2027 में मंगल के पास पहुंचने और 2031 में नमूनों के साथ धरती पर लौटने का लक्ष्य है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि फोबोस की मिट्टी की जांच से मंगल के चंद्रमाओं की शुरुआत के बारे में आ रहे सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इसके साथ ही यह अभियान भविष्य में मंगल तक आने-जाने वाले अंतरिक्ष यानों के लिए नई तकनीक विकसित करने में भी मदद कर सकता है।

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क्या मंगल पर बस पाएंगे इंसान?

अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स मंगल पर इंसानों को भेजने और भविष्य में वहां पर रहने की योजना बना रही है। हालांकि, मंगल पर इंसानों की बस्ती बसाना अभी भविष्य का लक्ष्य है, कोई पूरी हो चुकी उपलब्धि नहीं। मंगल के चंद्रमाओं की खोज और मंगल पर इंसानों को भेजने की योजना दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है, लेकिन दोनों से अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बढ़ सकती है। जापान का मिशन यह समझने में मदद करेगा कि मंगल के चंद्रमा कैसे बने और सौरमंडल का विकास किस तरह हुआ।

Location :  New Delhi

Published :  20 October 2026, 2:12 PM IST

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