चुनाव से ठीक पहले PoK में खूनी खेल: अपनों पर ही गोलियां चला रही पाकिस्तानी फौज, UN ने मांगी मौतों की निष्पक्ष जांच

PoK में जारी हिंसा और मानवाधिकारों के हनन पर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। UN ने इंटरनेट बैन को हटाने, गिरफ्तार नेताओं को कानूनी मदद देने और प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 July 2026, 3:00 PM IST

New Delhi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अपने हक के लिए लड़ रहे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी हुकूमत का जुल्म अब दुनिया से छुपा नहीं रह गया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार कार्यालय ने इस मामले में दखल देते हुए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है।

दरअसल, PoK में जनता के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही ‘ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) को पाकिस्तान ने देश के लिए खतरा बताते हुए उस पर 'आतंकवाद-रोधी कानून' के तहत बैन लगा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टुर्क ने इसे नागरिक अधिकारों का हनन बताते हुए गहरी चिंता जताई है और पूछा है कि हक मांगने वालों को अपराधी क्यों बनाया जा रहा है?

सुलगते हालात और अपनों का खून

इस महीने के अंत में PoK में क्षेत्रीय चुनाव होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले पूरा इलाका बारूद के ढेर पर बैठा है। जून महीने से लेकर अब तक यहाँ भारी हिंसा हुई है, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के जवानों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान सरकार से इन सभी मौतों की तुरंत, गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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इस आंदोलन में कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि आम व्यापारी, छात्र, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तानी पुलिस जबरन जेलों में ठूस रही है। UN ने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए नेताओं को तुरंत उनके परिवारों और वकीलों से मिलने की इजाजत दी जाए।

सच छुपाने के लिए इंटरनेट पर लगाया ताला

पाकिस्तानी हुकूमत की सबसे बड़ी चालाकी यह रही कि उसने PoK में हो रहे जुल्मों का वीडियो और खबरें बाहर न आ सकें, इसके लिए पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।

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संयुक्त राष्ट्र ने इस डिजिटल सेंसरशिप पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा है कि इंटरनेट बंद करना लोगों की आजादी को छीनना है। टुर्क ने पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह पूरे क्षेत्र में इंटरनेट को तुरंत बहाल करे और लाठी-गोली के दम पर आवाज दबाने के बजाय स्थानीय लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता चुने।

Location :  New Delhi

Published :  18 July 2026, 3:00 PM IST