अरबों की AI चिप डील और चीनी जासूस का कनेक्शन! Nvidia CEO पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में Nvidia CEO जेन्सन हुआंग के चीनी जासूस एलिस हुआंग से करीबी रिश्तों का दावा किया गया है। 4.8 अरब डॉलर की AI चिप डील और 18 नवंबर को अमेरिकी संसद में होने वाली बंद कमरे की ब्रीफिंग ने मामले को सुर्खियों में ला दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 November 2026, 2:56 PM IST

New Delhi: दुनिया की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग को लेकर अमेरिका में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कथित आकलन के मुताबिक, चीन की खुफिया एजेंसी ने एक महिला कारोबारी को जेन्सन हुआंग के करीब पहुंचाया था, ताकि अमेरिकी AI तकनीक और Nvidia की रणनीतियों से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल की जा सकें। इस महिला की पहचान एलिस हुआंग के रूप में हुई है। मामले ने अब अमेरिकी राजनीति और टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। तीन अमेरिकी संसदीय समितियों ने जेन्सन हुआंग को 18 नवंबर को बंद कमरे में ब्रीफिंग देने के लिए बुलाया है।

कौन हैं एलिस हुआंग?

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एलिस हुआंग सिंगापुर की डेटा सेंटर कंपनी मेगास्पीड से जुड़ी रही हैं। उनकी पहचान हुआंग ले के नाम से भी बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एलिस की चिप इंडस्ट्री के कई बड़े अधिकारियों तक पहुंच थी और वह Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग के भी काफी करीब आ गई थीं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के बीच करीबी निजी रिश्तों का भी दावा किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह था कि एलिस चीन की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रही थीं और जेन्सन हुआंग से नजदीकी का इस्तेमाल जानकारियां जुटाने के लिए कर सकती थीं।

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चीन की खुफिया एजेंसी का क्या था प्लान?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की प्रमुख खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) ने कथित तौर पर एलिस हुआंग को अमेरिकी चिप इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए तैयार किया था।

अमेरिका को आशंका थी कि इस पूरे मामले का मकसद Nvidia की कारोबारी रणनीतियों, एडवांस AI चिप्स और अमेरिकी तकनीक से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल करना था। इसके अलावा चीन की कोशिश Nvidia पर दबाव बनाकर उसके आधुनिक AI चिप्स तक पहुंच बनाने की भी हो सकती थी।

हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है कि जेन्सन हुआंग को एलिस की कथित जासूसी गतिविधियों की जानकारी थी या उन्होंने कोई गोपनीय जानकारी साझा की थी।

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4.8 अरब डॉलर की AI चिप डील ने बढ़ाया शक

इस मामले में मेगास्पीड की कारोबारी गतिविधियां भी अमेरिकी एजेंसियों के शक के घेरे में रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की मलेशियाई सहयोगी इकाई ने जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच करीब 4.8 अरब डॉलर के AI हार्डवेयर खरीदे थे, जिनमें Nvidia की एडवांस चिप्स भी शामिल थीं।

बताया गया है कि मेगास्पीड दक्षिण-पूर्व एशिया में डेटा सेंटर संचालित कर रही थी और अपनी कंप्यूटिंग क्षमता चीन की दिग्गज कंपनी अलीबाबा को किराये पर दे रही थी।

अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि इस तरह के कारोबारी नेटवर्क का इस्तेमाल चीन तक उन AI चिप्स की पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है, जिनकी बिक्री पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है।

अमेरिकी संसद में देना होगा जवाब

इस खुलासे के बाद अमेरिकी सांसदों ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए गंभीरता से लिया है। 5 नवंबर को तीन प्रमुख रिपब्लिकन संसदीय समिति अध्यक्षों ने जेन्सन हुआंग को पत्र लिखकर बंद कमरे में ब्रीफिंग देने का अनुरोध किया।

इनमें हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट, चीन से जुड़ी चयन समिति के अध्यक्ष जॉन मूलेनार और हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष रिक क्रॉफर्ड शामिल हैं। सांसदों ने 18 नवंबर 2026 को ब्रीफिंग की तारीख प्रस्तावित की है। वे जेन्सन हुआंग से एलिस हुआंग के साथ उनके संपर्कों और Nvidia की विदेशी जासूसी से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर जवाब चाहते हैं।

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Nvidia और चीन ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद Nvidia ने अपने CEO का बचाव किया है। कंपनी के प्रवक्ता जॉन रिजो के मुताबिक, जेन्सन हुआंग और एलिस हुआंग के बीच मुलाकातें सामान्य कारोबारी बैठकों का हिस्सा थीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि एशिया के क्षेत्रीय क्लाउड ग्राहकों को सामान्य कारोबारी जानकारी दी जाती है, न कि Nvidia के संवेदनशील व्यापारिक रहस्य या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी।

वहीं, चीन ने भी इन आरोपों को खारिज किया है। चीनी पक्ष ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को निराधार और बदनाम करने की कोशिश बताया है।

Location :  New Delhi

Published :  8 November 2026, 2:38 PM IST