“हरे कृष्ण का जाप करता रहा, भरोसा था बाहर जरूर निकलूंगा”, नौ दिन सुरंग में फंसे संजय जन्माष्टमी पर निकले जिंदा, सुनाई पूरी कहानी

नेपाल की सुरंग में नौ दिन तक फंसे संजय साह आखिरकार सुरक्षित बाहर आ गए। अंधेरे और मुश्किल हालात में उन्होंने उम्मीद बनाए रखने के लिए लगातार ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप किया। खास बात यह रही कि उनका रेस्क्यू जन्माष्टमी के दिन हुआ।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 September 2026, 7:16 PM IST

Nepal: नौ दिन तक अंधेरी सुरंग में जिंदगी और मौत के बीच फंसे संजय साह आखिरकार सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। सबसे खास बात यह रही कि जिस दिन उन्हें सुरंग से बाहर निकाला गया, उसी दिन कृष्ण जन्माष्टमी भी मनाई जा रही है। इन मुश्किल नौ दिनों में संजय ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा। उनके पास न रोशनी थी और न ही बाहर जाने का कोई साफ रास्ता। ऐसे हालात में वह लगातार ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप करते रहे।

सुरंग से बाहर निकलने के बाद संजय ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि वह पिछले नौ दिनों से इसी महामंत्र का जाप कर रहे थे। उनके लिए यह सिर्फ प्रार्थना नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में हिम्मत बनाए रखने का सहारा बन गया था।

कौन हैं संजय साह?

संजय साह 30 साल के हैं और नेपाल के मधेश प्रांत के सप्तरी जिले के रहने वाले हैं। वह नेपाल विद्युत प्राधिकरण में कर्मचारी हैं और एक परियोजना में फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। हादसे के समय संजय नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे। उनकी जिम्मेदारी परियोजना में काम कर रहे लोगों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की थी। लेकिन हादसा अचानक ऐसा आया कि दूसरों को बाहर निकालने की कोशिश में संजय खुद सुरंग के भीतर फंस गए।

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दूसरों को बाहर भेजा, खुद रह गए अंदर

संजय ने हादसे के शुरुआती पलों को याद करते हुए बताया कि वह नियंत्रण कक्ष में अपना काम कर रहे थे। तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को तुरंत बाहर निकलने के लिए कहा। उनकी कोशिश रंग लाई और दूसरे लोग किसी तरह सुरंग से बाहर निकल गए। लेकिन इसी दौरान हालात तेजी से बदल गए। संजय खुद बाहर निकलने की स्थिति में नहीं रह गए और सुरंग के भीतर ही फंस गए।

उनके मुताबिक, उस वक्त उनके सामने सबसे बड़ी चिंता खुद की जान बचाने से ज्यादा वहां मौजूद दूसरे लोगों को सुरक्षित निकालने की थी। यही जिम्मेदारी उन्हें आखिरी समय तक लोगों के बारे में सोचने के लिए मजबूर करती रही।

नौ दिन अंधेरे में कैसे गुजरे?

सुरंग के भीतर फंसने के बाद संजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंतजार की थी। न ठीक से रोशनी थी और न बाहर निकलने का कोई रास्ता। हर गुजरता वक्त उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। ऐसे हालात में उन्होंने खुद को संभाले रखा और लगातार ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप करते रहे। नौ दिन बाद जब बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला तो उनके लिए यह पल किसी नई जिंदगी से कम नहीं था।

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और संयोग देखिए- जिस भगवान कृष्ण का नाम लेकर वह नौ दिनों तक उम्मीद बनाए रहे, उसी कृष्ण जन्माष्टमी के दिन उन्हें सुरंग से बाहर निकाला गया।

सुरंग में और लोग फंसे होने की आशंका

बाहर निकलने के बाद संजय ने बचाव दल को एक और अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरंग के आसपास तीन या चार अन्य लोगों से उनका संपर्क आवाज या बातचीत के जरिए हुआ था। इस जानकारी ने बचाव अभियान को लेकर चिंता बढ़ा दी है। संजय को आशंका है कि सुरंग के और अंदर कुछ लोग अब भी फंसे हो सकते हैं।

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Published :  4 September 2026, 7:15 PM IST