Nepal Flood Rescue | Video | मौसम बना दुश्मन, भारी बारिश के बीच हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन रुका; 100 मजदूर अब भी सुरंग में फंसे

नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ी है। त्रिशूली और भोटेकोशी क्षेत्रों में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। घने बादलों और लगातार बारिश के चलते हेलिकॉप्टर उड़ान भरने की स्थिति में नहीं हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 29 August 2026, 9:36 AM IST
काठमांडू: नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ी है। त्रिशूली और भोटेकोशी क्षेत्रों में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। घने बादलों और लगातार बारिश के चलते हेलिकॉप्टर उड़ान भरने की स्थिति में नहीं हैं।

बढ़ता नदी का जलस्तर बढ़ा रहा खतरा

भारी बारिश के कारण त्रिशूली और भोटेकोशी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

सुरंग में फंसे 100 मजदूरों की तलाश जारी

नेपाल के रासुवा जिले में अपर त्रिशूली-3 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए सेना लगातार अभियान चला रही है। अब तक करीब 350 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन अभी भी लगभग 100 मजदूर सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।

खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण हालात के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सेना और राहत एजेंसियां अलर्ट

नेपाल सेना और बचाव दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम साफ होते ही हेलिकॉप्टरों के जरिए राहत और बचाव अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।

नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ। बाढ़ में गाड़ियां, सामान और अन्य संपत्ति बह गईं।

रसुवा के चीफ कस्टम ऑफिसर राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि परिसर में रखी कई गाड़ियां और सामान पानी में बह गया। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया. रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है।

Location :  Nepal

Published :  29 August 2026, 9:19 AM IST