Middle East Crisis: पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की बात, काबुल में भी भारी संघर्ष; जानें वॉर से जुड़े लेटेस्ट अपडेट

मध्य पूर्व संकट के बीच पीएम मोदी ने इजरायल के पीएम नेतन्याहू और UAE राष्ट्रपति से बातचीत की। CCS बैठक में भारत ने सुरक्षा, तेल कीमतों और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की स्थिति की समीक्षा की। डाइनामाइट न्यूज़ पर जानिये अब तब के वॉर संबंधित लेटेस्ट अपडेट।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 March 2026, 11:14 AM IST

New Delhi: ईरान और इजरायल के युद्ध ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में जारी संघर्ष को जल्द रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का समर्थक है और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।

UAE) के राष्ट्रपति से भी की बात

प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की। यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने पूरा समर्थन और एकजुटता जताई। भारत और खाड़ी देशों के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, ऐसे में यह संवाद अहम माना जा रहा है।

CCS बैठक में सुरक्षा और आर्थिक असर पर चर्चा

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित आर्थिक प्रभावों की गहन समीक्षा की गई।

सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की चिंता

यूएई, कुवैत, कतर और सऊदी अरब में लाखों भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। बढ़ते तनाव के बीच कई परिवारों और छात्रों ने सरकार से सुरक्षा और संभावित निकासी की मांग की है। जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों और आपातकालीन सहायता की योजना तैयार रखने पर भी विचार किया जा रहा है।

मध्य पूर्व में संघर्ष और तीव्र हो गया है। इजरायल की ओर से किए गए हवाई हमलों में आतंकी संगठन हिजबुल्ला का नेता मोहम्मद राद मारा गया। इसी बीच ब्रिटेन ने अमेरिका को गल्फ़ क्षेत्र में अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, जिससे लड़ाई की रणनीति और भी व्यापक हो सकती है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

तेल कीमतों में उछाल का असर

मध्य पूर्व में तनाव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से भारत पर भी दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है।

तेल महंगा होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, परिवहन लागत और महंगाई दर पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति लंबी खिंचती है तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं और कई देशों की भूमिका भी चर्चा में है। इससे व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

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खास बात यह है कि एक ओर अमेरिका-इयरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते विनाशलीला के भयंकर दृश्य दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले तीन दिनों से भयंकर सैन्य टकराव चल रहा है। जंग जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसमें पाकिस्तान का दावा किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने "ऑपरेशन गजब लिल हक" के तहत अब तक 350 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है, वहीं तालिबान सरकार का कहना है कि  22 फरवरी से खोस्त, पक्तिका, नंगरहार, पक्तिया, कंधार और कुनार प्रांतों में पाकिस्तान के सैन्य हमले में 52 आम लोगों की मौत हो गई है और महिलाओं और बच्चों समेत 66 अन्य घायल हुए हैं। भारत अपनी सीमा के पार हो रहे इस भीषण संघर्ष पर नजरें रखे हुए है।
पाकिस्तान‑अफगान सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। अफगान सेना ने कथित तौर पर बाग्राम एयर बेस पर पाकिस्तान का हवाई हमला रोक दिया। इसके साथ ही काबुल और सीमा पार इलाकों में भी भारी झड़पें देखी गईं। दोनों देशों के सैनिकों के बीच संघर्ष बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 2 March 2026, 11:14 AM IST