सीमा पर फिर मंडराया बड़ा खतरा: पाकिस्तान द्वारा पुराने आतंकी लॉन्चिंग पैड दोबारा सक्रिय करने का खुलासा

पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान एक बार फिर पुराने आतंकी लॉन्चिंग पैड को सक्रिय कर घुसपैठ की फिराक में है, जिसे लेकर एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 October 2026, 7:57 AM IST

New Delhi: पुंछ जिले के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले कृष्णा घाटी सेक्टर में सोमवार शाम को हुए अचानक एक जोरदार बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) विस्फोट के बाद पूरे सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

इस धमाके के बाद से ही नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी कई गुना बढ़ा दी है ताकि सीमा पार से किसी भी संभावित खतरे या नापाक हरकत को समय रहते रोका जा सके।

मारे गए आतंकियों की पहचान और बड़ी साजिश का खुलासा

सुरक्षा एजेंसियों से मिली शुरुआती खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बारूदी सुरंग धमाके में मारे गए लोगों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा का एक टॉप कमांडर समेत कुल चार आतंकवादी शामिल बताए जा रहे हैं, जो भारतीय सीमा में चुपचाप घुसपैठ कर किसी बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

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मारे गए इन संदिग्ध आतंकियों की पहचान मोहम्मद फैजान, मोहम्मद इश्तियाक, मोहम्मद वकास और मोहम्मद आसिम के रूप में हुई है, जिनके खात्मे से एक बड़ी अनहोनी टल गई है।

नीलम घाटी और पुराने लॉन्चिंग पैड पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर

ताजा खुफिया इनपुट के आधार पर अब सीमा पार स्थित नीलम घाटी और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों तथा पुराने आतंकी लॉन्चिंग पैड की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्तूबर 2019 में भी भारतीय सेना ने तंगधार सेक्टर के सामने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) की नीलम घाटी में ऐसे ही कई सक्रिय आतंकी शिविरों और लॉन्चिंग पैड को तबाह कर दिया था, जिसके बाद से दुश्मन देश एक बार फिर इन्हें दोबारा आबाद करने की जुगत में लगा है।

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खराब मौसम के बीच घुसपैठ की आशंका और बढ़ाई गई निगरानी

वर्तमान में सर्दियों के मौसम की शुरुआत, लगातार खराब होते मौसम और कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) का फायदा उठाकर घुसपैठिए भारतीय सीमा में सेंध लगाने की फिराक में रहते हैं। इस बड़ी चुनौती को गंभीरता से लेते हुए एलओसी के तमाम संवेदनशील और पर्वतीय क्षेत्रों में गश्त और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को बेहद मजबूत कर दिया गया है ताकि देश की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 7:57 AM IST