इज़रायल ने तेहरान के एक बड़े फ्यूल डिपो को निशाना बनाकर हमला किया है। इस हमले से राजधानी में भारी तबाही मचने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं।

ईरान-इजरायल के बीच भीषण युद्ध
Tehran: मिडिल ईस्ट में जंग का आज 11वां दिन है। दूसरी तरफ खाड़ी देशों में ईरान के हमले लगातार जारी है। दुबई, कुवैत, बहरीन में ईरान का हमला हुआ है। इस बीच जॉर्डन ने 100 से ज्यादा हमलों का दावा किया है। युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो सीक्रेट जानकारी ईरान को ना दे। साथ ही मिसाइल अटैक को लेकर तुर्किए ने भी ईरान को चेतावनी दी है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने Bahrain, Qatar, Kuwait और United Arab Emirates में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया है। कतर में अमेरिकी ठिकानों को एहतियातन खाली कराया गया, जबकि यूएई के नौसैनिक अड्डे पर हाई अलर्ट जारी है। इससे पहले इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में करीब 30 ठिकानों पर हवाई हमला किया था जिसमें अत्याधुनिक फाइटर जेट शामिल बताए जा रहे हैं। हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने की खबर है।
खाड़ी देशों में संघर्ष का ग्यारहवें दिन में प्रवेश
उधर Lebanon और Yemen से ईरान समर्थित समूहों की सक्रियता भी बढ़ गई है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष के व्यापक युद्ध में बदलने की आशंका गहरा गई है। खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पल-पल का अपडेट जानने के लिए पढ़ते रहें डाइनामाइट न्यूज़...
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम लेजर मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे, जिससे दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही लेजर किरणों से नष्ट किया जा सकेगा। ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो किसी भी दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइल को कहीं भी, कभी भी और किसी भी भी समय गिरा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को होने वाले खतरे को खत्म करने के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान और उसके समर्थित समूहों की ओर से जहाजों को जो खतरा था, उसे खत्म करने के लिए यह सैन्य कार्रवाई जरूरी थी।
उन्होंने कहा कि यह अभियान जल्द ही पूरा हो सकता है और इससे वैश्विक तेल बाजार को राहत मिलेगी। ट्रंप के अनुसार अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा भी दे रहा है और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षा के लिए साथ चल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिकी सुरक्षा में चल रहे जहाजों पर हमला करता है तो उसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे।
ईरान के लोरेस्तान प्रांत में अमेरिका और इस्राइल के हमलों में तीन छात्रों की मौत की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार हमलों में स्कूल के बच्चों की जान चली गई। मारे गए छात्रों की पहचान मोहम्मद सालेह साकेत, अमीर अली चेराघी और अनाहिद रश्नो के रूप में हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार अनाहिद रश्नो अपनी मां के साथ मारी गई। इन हमलों के बाद ईरान में आक्रोश बढ़ गया है और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
अमेरिका में बढ़ती तेल कीमतों को लेकर व्हाइट हाउस सक्रिय हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए सभी संभावित विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि मौजूदा हालात में ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकता है।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने एक बयान में कहा कि ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम पहले से ही बाजार को स्थिर रखने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू होने से पहले ही ऊर्जा बाजार को संभालने की रणनीति तैयार कर चुकी थी। फिलहाल सरकार सभी भरोसेमंद विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि तेल कीमतों में तेजी को नियंत्रित किया जा सके।
तुर्किये ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल घुसने के बाद कड़ा कदम उठाया है। तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत मोहम्मद हसन हबीबोल्लाहजाद को तलब कर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थी। बाद में नाटो की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में इसे मार गिराया। मिसाइल के कुछ टुकड़े गाजियांटेप क्षेत्र के एक खाली मैदान में गिरे। इससे पहले भी चार मार्च को ईरान की एक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ी थी, जिसे नाटो ने रोक दिया था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुने जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के लिए सम्मान और ताकत के नए दौर की शुरुआत है। पेजेशकियन ने कहा कि यह चयन ईरानी जनता की एकता का प्रतीक है और इससे देश दुश्मनों की साजिशों के सामने और मजबूत होगा। इससे पहले ईरान की सशस्त्र सेनाओं, आईआरजीसी और कई वरिष्ठ नेताओं ने भी मोजतबा खामेनेई के प्रति निष्ठा जताई है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कतर सभी पक्षों से बातचीत कर हालात को शांत करने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद क्षेत्र में विश्वास का माहौल प्रभावित हुआ है। कतर का मानना है कि कूटनीतिक समाधान ही इस संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के हालिया हमलों और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर युद्ध के असर को भी लेकर चिंता जताई गई। इस बीच इस्राइल और अमेरिका के हमलों में ईरान में 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरान ने जवाब में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
ईरान युद्ध की वजह से प्रोडक्शन और शिपिंग में रुकावट हो रही है। इससे कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ज़्यादा हो गईं। दूसरी तरफ खाड़ी देशों में ईरान के हमले लगातार जारी है. दुबई, कुवैत, बहरीन में ईरान का हमला हुआ है. इस बीच जॉर्डन ने 100 से ज्यादा हमलों का दावा किया है।
रविवार को मिडिल ईस्ट में ईरानी सरकार के शुरुआती हमलों में लगी चोटों की वजह से एक U.S. सर्विस मेंबर की मौत हो गई। सर्विस मेंबर 1 मार्च को सऊदी अरब में U.S. सैनिकों पर हुए हमले की जगह पर गंभीर रूप से घायल हो गया था। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान एक्शन में मारे गए यह सातवें सैनिक हैं।
मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की जगह ली है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष जारी है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सोमवार को ईरान की Assembly of Experts ने मतदान के बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुनने का ऐलान किया। यह परिषद 88 इस्लामी धर्मगुरुओं का एक समूह है, जिसका काम ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करना होता है।
Iran ने Israel की ओर क्लस्टर बम और मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले के बाद कई इलाकों में धमाके सुने गए और सायरन बज उठे। इज़रायली सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं, जबकि कई मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट करने की कोशिश की।
Iran ने Palestine की ओर मिसाइल हमला करने का दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले के बाद कई इलाकों में नुकसान और अफरा-तफरी देखी गई। फिलहाल हताहतों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, ईरान में एक तेल टैंकर पर हमले की खबर सामने आई है। घटना के बाद सड़कों पर आग की लपटें और धुआं उठता दिखाई दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
Tehran में भारी बमबारी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार Israel और United States ने Mehrabad International Airport को निशाना बनाया। हमले में एयरक्राफ्ट फ्यूल डिपो पर भी अटैक होने की जानकारी है। धमाकों के बाद इलाके में आग और धुएं के गुबार देखे गए, जबकि नुकसान का आकलन जारी है।
इज़रायल ने तेहरान के एक बड़े फ्यूल डिपो को निशाना बनाकर हमला किया है। इस हमले से राजधानी में भारी तबाही मचने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही शहर के कई हिस्सों में एक साथ धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं।
इजरायल ने तेहरान के बड़े फ्यूल डिपो पर हमला कर दिया है। इस हमले से तेहरान में बड़ी तबाही मचने की बात कही जा रही है।तेहरान में एक साथ कई जगहों पर धमाके भी सुने गए हैं।
इजरायल के साथ जारी युद्ध और बिगड़ते हालात के बीच स्पेन ने ईरान में स्थित अपने दूतावास को खाली करा लिया है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए दूतावास में बचे सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने कई अमेरिकी सैनिकों को हिरासत में लिया है।
ईरान के इजरायल पर हमले के बीच हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल के सैन्य ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया है। हिज्बुल्लाह ने हाइफा नौसैनिक अड्डे पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दागी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि इस युद्ध के बाद हम ईरान का नक्शा बदल देंगे।
दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि दुबई मरीना इलाके में स्थित एक टावर को मलबे से नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक यह मलबा उस समय गिरा जब एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान से आए एक संभावित खतरे को बीच में ही रोक दिया। इंटरसेप्शन के बाद कुछ टुकड़े नीचे गिरे, जिससे टावर के एक हिस्से को हल्का नुकसान हुआ। प्रशासन ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को तुरंत घेर लिया और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। जांच एजेंसियां अब घटना के कारण और खतरे की प्रकृति की जांच कर रही हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने संघर्ष शुरू होने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा कि देश वास्तव में युद्धकाल में है। अबू धाबी टीवी पर प्रसारित अपने संदेश में उन्होंने हमलों के पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि यूएई अपने देश, अपनी जनता और निवासियों के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूएई एक मजबूत इरादों वाला देश है। हम आसानी से शिकार नहीं बनेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने केशम द्वीप के वॉटर प्लांट पर हमला किया। इस हमले के कारण 30 गांवों की पानी आपूर्ति ठप्प हो गई। अराघची ने चेतावनी दी कि इसकी कीमत भुगतनी होगी और गंभीर परिणाम होंगे।
ईरान में इस वक्त सत्ता की कुर्सियों पर जबरदस्त खलबली मची हुई है और अगले 24 घंटों के भीतर देश को नया ‘सुप्रीम लीडर’ मिल सकता है। मेहर न्यूज़ एजेंसी के हवाले से आई इस खबर ने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भविष्य पर सवालिया निशान लगा हुआ है। ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ इस वक्त एक बेहद गोपनीय बैठक कर रही है। अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हमलों के बीच हो रही यह चुनावी प्रक्रिया इतनी तनावपूर्ण है कि इजरायल ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि जो भी नया लीडर बनेगा, वह उनके निशाने पर होगा।
लेबनान में इजराइल के भीषण हमलों ने भारी तबाही मचाई है और वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 294 हो गई है, जबकि घायलों का आंकड़ा 1,023 तक पहुंच गया है। सोमवार, 2 मार्च से शुरू हुई इस खौफनाक बमबारी ने लेबनान के रिहायशी इलाकों को कब्रिस्तान में तब्दील करना शुरू कर दिया है। जिससे वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने पुष्टि की है कि घायलों की हालत इतनी गंभीर है कि मौतों का आंकड़ा अभी और भी भयावह हो सकता है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच छिड़ा यह खूनी खेल अब मासूमों की जान ले रहा है और लेबनान सीमा पर मचे इस कोहराम ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े मानवीय संकट के संकेत दे दिए हैं।
Israel ने Iran के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 80 फाइटर जेट्स ने इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया और कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। हमलों के बाद इलाके में धुएं के गुबार देखे गए, जबकि नुकसान और हताहतों की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
Masoud Pezeshkian ने कहा कि Iran कभी भी बिना शर्त सरेंडर नहीं करेगा। टीवी संबोधन में उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के सरेंडर का सपना देख रहे हैं, वे इसे अपने साथ कब्र में ले जाएंगे। यह बयान Donald Trump के ‘अनकंडीशनल सरेंडर’ वाले बयान के बाद आया। Ali Khamenei की मौत के बाद फिलहाल देश में नेतृत्व परिषद काम संभाल रही है, जिसमें Gholamhossein Mohseni-Ejei और Alireza Arafi भी शामिल बताए गए हैं।
Saudi Arabia के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि Prince Sultan Air Base की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा Shaybah Oil Field की तरफ बढ़ रहे चार ड्रोन भी मार गिराए गए। मंत्रालय के अनुसार इससे पहले भी कई ड्रोन रोके गए थे, जबकि Riyadh के पूर्वी इलाके में एक और ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किया।
Dubai के ऊपर कई उड़ानें होल्डिंग पैटर्न में चक्कर लगाती देखी गईं। Dubai Media Office के अनुसार एक इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे की वजह से हवाई यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। हालांकि Dubai International Airport पर किसी बड़े हादसे की खबरों को अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। छोटे घटनाक्रमों का असर अभी भी उड़ानों और बाजारों पर दिख रहा है।
United States ने Israel को 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार सौदे की मंजूरी दी है। इसके तहत 12,000 BLU-110A/B bomb दिए जाएंगे। United States Department of State ने इसे आपातकालीन आधार पर मंजूरी दी, जिससे सामान्य संसदीय समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे इज़रायल की सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी।
Iran में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियातन घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार Tehran में हमलों के बाद नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। Islamic Republic of Iran Broadcasting के परिसर के पास बड़ा क्रेटर मिला, जो अस्पताल के करीब बताया जा रहा है। World Health Organization के मुताबिक अब तक 13 स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हुए हैं। दक्षिणी ईरान में एक स्कूल पर हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट है। इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाब मांगा जा रहा है।
Tehran के सेंट्रल इलाके में ईरानी सेना की एक मिलिट्री एकेडमी के पास हमले की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि धमाका उस समय हुआ जब सरकारी ब्रॉडकास्टर का एक रिपोर्टर पास में लाइव रिपोर्टिंग कर रहा था। घटना के बाद इलाके में धुआं और अफरा-तफरी देखी गई। फिलहाल नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शुक्रवार को S&P 500 में 1.3% की गिरावट आई, जो 2026 का सबसे खराब हफ़्ता था, क्योंकि ब्रेंट क्रूड $92/बैरल पर पहुंच गया था- जो पिछले हफ़्ते से लगभग 30% ज़्यादा है। फरवरी में US में अचानक 90,000 नौकरियां चली गई हैं, जिससे फेड इंटरेस्ट रेट्स को लेकर मुश्किल में पड़ गया।
दक्षिणी इराक के बसरा में बुर्जेसिया तेल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया, यह प्लांट पर दूसरा हमला है। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि तीन ड्रोन लॉन्च किए गए; दो को डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, जबकि एक साइट पर हमला करने में कामयाब रहा।
रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से बात की और ईरान के खिलाफ चल रहे US-इज़राइली मिलिट्री कैंपेन के बीच तुरंत युद्ध रोकने की अपील की। कॉल के दौरान पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत, ईरान के मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडरशिप के सदस्यों की हत्या पर दुख जताया। उन्होंने मॉस्को की इस बात को दोहराया कि लड़ाई को मिलिट्री एक्शन से डिप्लोमेसी की ओर ले जाना चाहिए। पेजेशकियन ने रूस को उसकी एकजुटता के लिए धन्यवाद दिया और पुतिन को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी, जबकि रूसी लीडर ने यह भी कहा कि वह बढ़ते संकट के बारे में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के नेताओं के संपर्क में हैं।
वेस्ट एशिया में बढ़ते इज़राइल-ईरान तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 मार्च को वेस्ट एशिया से भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित 40 इनबाउंड फ्लाइट्स भारत पहुंचीं। इन फ्लाइट्स में कुल 7,205 यात्री सवार थे। वहीं अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को मिलाकर कुल 14,992 यात्री इस क्षेत्र से भारत पहुंचे। जानकारी के अनुसार, 6 मार्च के लिए भारतीय एयरलाइंस ने वेस्ट एशिया से आने वाली 51 फ्लाइट्स शेड्यूल की हैं।
व्हाइट हाउस का कहना है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के मुख्य मिलिट्री मकसद 4-6 हफ़्तों में पूरे हो सकते हैं। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि US सेना ने 30 से ज़्यादा ईरानी जहाज़ों को डुबो दिया है। जिससे ईरानी नेवी “लड़ाई में बेअसर” हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कैंपेन के पहले हफ़्ते में US सैनिकों और रीजनल बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा काफी हद तक खत्म हो गया है।
डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर अलेक्जेंडर नोवाक के मुताबिक, रूस का कहना है कि उसकी कंपनियां जल्द ही यूरोप से अपने LNG एक्सपोर्ट का कुछ हिस्सा “दोस्ताना देशों” को भेज देंगी। साउथ अफ्रीका में रूसी एम्बेसी ने कहा कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मॉस्को ब्रसेल्स से और पाबंदियों का इंतज़ार करने से मना कर रहा है। जिसमें चीन, भारत, थाईलैंड और फिलीपींस के नाम संभावित खरीदारों में शामिल हैं।
US इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि रूस ने इस इलाके में अमेरिकी जंगी जहाजों और एयरक्राफ्ट को टारगेट करने में मदद के लिए ईरान को जानकारी दी है। यह तेहरान के खिलाफ एक हफ्ते पुराने US-इज़राइल कैंपेन में मॉस्को के शामिल होने की पहली रिपोर्ट है। व्हाइट हाउस ने कहा कि इस डेवलपमेंट से कोई फर्क नहीं पड़ा है, और ज़ोर देकर कहा कि US सेना ईरानी ऑपरेशन को "पूरी तरह से खत्म" कर रही है। क्रेमलिन ने तेहरान के साथ चल रही बातचीत की पुष्टि की, लेकिन किसी भी इंटेलिजेंस शेयरिंग पर कमेंट करने से मना कर दिया।
शुक्रवार शाम को बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया। जहां US डिप्लोमैटिक सेंटर है। सिक्योरिटी सूत्रों ने बताया कि बेस की ओर चार ड्रोन लॉन्च किए गए, जिनमें से कम से कम दो कंपाउंड के अंदर क्रैश हो गए।
UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में गैर-कानूनी हमलों से आम लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है और यह कंट्रोल से बाहर हो सकता है, इसलिए उन्होंने लड़ाई तुरंत रोकने और गंभीर डिप्लोमैटिक बातचीत पर लौटने की अपील की।
US के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कन्फर्म किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में मदद करते हुए छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। उन्हें “असाधारण हीरो” कहा जिन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स की सेवा में अपनी जान कुर्बान कर दी। हेगसेथ ने कसम खाई कि US ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ेगा और इंसाफ़ पक्का करेगा।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि उसने यूनाइटेड अरब अमीरात में एक US बेस को निशाना बनाया और आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल मिनाब काउंटी में एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में किया गया था, जिसमें कथित तौर पर 150 से ज़्यादा लोग मारे गए थे। दावे अभी तक वेरिफाई नहीं हुए हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहली पोस्ट सामने आई है, जिसमें AI से बनी तस्वीर के जरिए मिसाइल के निर्माण से लेकर हमले तक की प्रक्रिया दिखाते हुए इजरायल को चेतावनी दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता तभी होगा जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि केवल “अनकंडीशनल सरेंडर” के बाद ही किसी डील पर विचार किया जाएगा। इसके बाद ईरान में एक ‘बेहतरीन नेतृत्व’ चुना जाएगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल बढ़ गई है।
होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे आग लग गई। ईरानी सरकारी टीवी ने जानकारी दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज किस देश का था या ड्रोन हमला किसने किया। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Location : Tehran
Published : , IST